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रेप पर फांसी के अध्यादेश को 24 घंटे से भी कम में राष्ट्रपति ने दी मंजूरी, जानें इसमें क्या है

केंद्र सरकार ने शनिवार को ही यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्‍सो एक्‍ट) में होने वाले संशोधनों पर अपनी मुहर लगाई थी

Danik Bhaskar | Apr 22, 2018, 01:04 PM IST

न्यूज डेस्क। केंद्र सरकार ने शनिवार को ही यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्‍सो एक्‍ट) में होने वाले संशोधनों पर अपनी मुहर लगाई थी और रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने POCSO एक्ट में संशोधन पर मंजूरी दे दी। नए संशोधनों के लागू होने के बाद 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ रेप करने पर आरोपी को मौत की सजा सुनाई जा सकेगी।

केंद्रीय केबिनेट से मुहर लगने के बाद इसे राष्ट्रपति कोविंद के पास भेजा गया था। उन्होंने 24 घंटे के भीतर ही इसे मंजूरी दे दी। इस एक्ट के साथ ही राष्ट्रपति ने भगोड़े आर्थिक अपराधी अध्यादेश 2018 को भी मंजूरी दी है। हम बता रहे हैं इस एक्ट में ऐसे क्या बदलाव किए गए हैं, जिन्हें जानकर बलात्कारियों की रूह कांप जाएगी।

क्रिमिनल लॉ


> महिला के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 7 से 10 साल करने का निर्णय लिया गया। इसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा।

> 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 10 से 20 साल। इसे भी आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा।

> 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप पर उम्रकैद की सजा हो सकेगी।


> 12 साल से उम्र की लड़की के साथ रेप करने पर कम से कम 20 साल सजा, आजीवन कारावास और मौत की सजा संभव।


> 12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप होने पर आजीवन कारावास के साथ मौत की सजा।

जानें सरकार ने इस एक्ट में किए हैं क्या बदलाव, देखिए अगली स्लाइड्स में...