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क्या आप भी साबूदाना खिचड़ी खाते हैं, अधिकतर लोग नहीं जानते इसकी ये बातें

साबूदाने की खिचड़ी व्रत-उपवास में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला व्यंजन है।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 05:00 PM IST
sabudana khichdi and its benefits in hindi

भारत में व्रत-उपवास के समय अधिकतर लोग साबूदाना खिचड़ी जरूर खाते हैं। सामान्य दिनों में भी साबूदाना खिचड़ी खूब पसंद की जाती है। साबूदाना छोटे-छोटे सफेद गोल दाने जैसे होते हैं। ये पकने के बाद अपारदर्शी से हल्का पारदर्शी, नर्म और स्पंजी हो जाता है। साबूदाने का उपयोग पापड़, खीर और खिचड़ी बनाने में होता है। सूप और अन्य चीजों को गाढ़ा करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। यहां जानिए साबूदाना से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जो अधिकतर लोग जानते नहीं हैं...

तमिलनाड़ू में हुआ था इसका उत्पादन

- माना जाता है कि भारत में साबूदाने का उत्पादन सबसे पहले तमिलनाड़ू के सेलम में हुआ था। प्रारंभ में इसका उत्पादन एक कुटीर उद्योग के रूप में हुआ था।

- टैपियाका नामक पौधे की जड़ों को मसल कर उससे दूध निकाला जाता है, इसके बाद दूध छानकर उसे जमने देते है। फिर उसकी छोटी छोटी गोलियां बनाकर सेंक लेते हैं।

- टैपियाका का उत्पादन भारत में काफी होता है। सेलम इसका मुख्य केंद्र है। साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट की प्रमुखता होती है और इसमें कुछ मात्रा में कैल्शियम व विटामिन सी भी होता है।

साबूदाना से मिलते हैं ये फायदे

- नियमित रूप से साबूदाना खाते रहने से वजन तेजी से बढ़ सकता है।

- साबूदाना में मौजूद तत्वों से ब्लड सर्कुलेशन में लाभ मिलता है।

- साबूदाना में फायबर के गुण होते हैं। जो कि हमारे पाचन को लाभ पहुंचाता है।

- साबूदाना प्रोटीन की पूर्ति के लिए भी बहुत अच्छा स्रोत है।

- साबूदाना में कैल्शियम भी होता है, जिसकी वजह से हड्डियों को लाभ मिलता है।

ध्यान रखें खाने में साबूदाना बहुत शामिल करने से नुकसान भी हो सकते हैं।
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साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि

आवश्यक सामग्री

1 कप साबूदाना

2 मीडियम आकार के उबले आलू

थोड़ा सा रिफाइन्ड तेल

थोड़ा-थोड़ा जीरा और हल्दी पाउडर

2-3 हरी मिर्च कटी हुई, काली मिर्च पाउडर

भुने हुए मूंगफली के दाने, छिल लें

स्वादनुसार सैंदा नमक

हरा धनियां, नीबू

विधि

साबूदाने को अच्छी तरह धो लें और 1/2 कप पानी डालकर साबूदाने को ढंककर 5-6 घंटे या रातभर के लिए भिगोकर रख दें। खिचड़ी बनाने से पहले साबूदाने को चम्मच से हिलाकर अलग-अलग कर लें।

खिचड़ी बनाने के लिए कढ़ाई में तेल डालें और गरम होने दीजिए। गरम तेल में जीरा डालकर भूनिए, हल्दी पाउडर, हरी मिर्च और काली मिर्च डाल दें। मूंगफली के दाने डाल कर हल्का सा भून लें। आलू डाल दें और फिर साबूदाने भी डाल दें। सारी चीजों को अच्छी तरह मिलाइए।

खिचड़ी को ढंककर कुछ देर तक धीमी आंच पर पकाएं। जब साबूदाने पारदर्शी दिखने लगे तक समझ लें कि खिचड़ी पक गई है। इसके बाद खिचड़ी में थोड़ा सा हरा धनियां और नीबू का रस डाल डाल लें। साबूदाने की खिचड़ी बनकर तैयार हो जाएगी।

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