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5 शुभ कामों से करें नए साल की शुरुआत, इनसे किस्मत देती है साथ

नए साल की शुरुअात भगवान और पितृओं को भाेग लगाकर करें। इसके साथ कुछ खास कुछ खास लोगों को खाना खिलाएं।

Danik Bhaskar | Dec 31, 2017, 05:00 PM IST

नए साल की शुरुअात भगवान और पितृओं को भाेग लगाकर करें। इसके साथ कुछ खास कुछ खास लोगों को खाना खिलाएं। ऐसा करने से आपका पूरा साल अच्छा जाएगा। अभी तक आपने जो गलतियां जाने-अनजाने में की थी उनका दोष भी खत्म हो जाएगा। साथ ही इन शुभ कामों से किस्मत साथ देगी।

महाभारत के अनुसार भगवान और पितृ को भोजन का भोग लगाने के साथ 4 खास तरह के लोगों को खाना खिलाना चाहिए है। ऐसा करने पर जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और मनुष्य भाग्यशाली हो जाता है। महाभारत के एक श्लोक से जानिए -
श्लोक-


पितृन् देवानृषीन् विप्रानतिथींश्च निराश्रयान्।
यो नरः प्रीणयत्यन्नैस्तस्य पुण्यफलं महत्।।

1. भगवान को जरूर लगाएं भोग

घर के किसी भी सदस्य के भोजन करने से पहले उसका भोग भगवान को लगाना हिंदू धर्म के संस्कार है, जिसका पालन हर घर को करना ही चाहिए। जिस घर में रोज भगवान को भोजन का भोग लगाया जाता है, वहां पर भगवान की कृपा हमेशा बनी रहती है। इसलिए रोज भगवान को भोजन का भोज लगाने का नियम जरूर बनाएं।

2. पितरों को भोग लगाएं -

पितरों को देवतुल्य ही माना जाता है। कहा जाता है कि श्राद्ध पक्ष में पितरों को भोजन का भोग लगाने और पंडितों को भोजन करवाने से पितरों की तृप्ति होती है। जो लोग श्राद्ध पक्ष के दौरान पूरी श्रद्धा और ईमानदारी से पितरों और ब्रह्मणों की पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें भोजन करवाते हैं, उनकी सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। इसलिए हमेशा अपने पितरों की कृपा और आशीर्वाद घर-परिवार पर बनाए रखने के लिए उन्हें अन्न का भोग जरूर लगाएं।

पंडितों या ऋषियों को भोजन करवाएं -

पंडितों को भोजन करवाना पुण्य का काम माना जाता है। जो मनुष्य समय-समय पर श्रेष्ठ पंडितों और ऋषियों को भोजन करवाता है, उसे अपने सभी कामों में सफलता मिलती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, पंडितों को भोजन करवाने पर मनुष्य के जाने-अनजाने में किए गए पापों का प्रायश्चित हो जाता है। इसलिए, हर किसी को समय-समय पर योग्य पंडितों और ऋषियों को भोजन करवाना चाहिए।

घर आए मेहमान को खाना खिलाएं-

घर आए मेहमान भगवान के समान माने जाते हैं। जिस घर में मेहमानों का भोजन आदि से आदर-सम्मान किया जाता है, वहां पर देवता निवास करते हैं। ऐसे घर पर किसी तरह की मुसीबत ज्यादा समय तक टिक नहीं पाती। इसलिए किसी भी वजह से घर आए मेहमान को बिना भोजन करवाए न जाने दें।

बेघर लोगों को खाना खिलाएं -

कई लोग बेघर और असहाय लोगों को हीन दृष्टि से देखते हैं, जो कि बहुत ही गलत माना जाता है। हर किसी के मन में बेघर लोगों के प्रति प्रेम और अपनेपन की भावना होना चाहिए। जो मनुष्य बेघर लोगों को अपना समझ कर उनके साथ प्यार से व्यवहार करता है और उन्हें खाना खिलाता है, उसे समाज में बहुत मान-सम्मान और तरक्की मिलती है।