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इस समय पीपल पर रहता है दुर्भाग्य, न जाए पास वरना आपके साथ चला आएगा

इस समय न जाएं पीपल के आस-पास वरना आपके पीछ लग जाएगा दुर्भाग्य

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 05:00 PM IST

हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को बहुत ही शुभ फल देने वाला कहा गया है। पीपल की पूजा-अर्चना करने से उसे जल चढ़ाने से कई शुभ फलों की प्राप्ति होती है, लेकिन अगर कुछ बातों का ध्यान न रखा जाए तो यही आपके लिए परेशानी का कारण भी बन सकता है। धर्म ग्रंथों में पीपल के पेड़ से जुड़ी कई मान्यताओं के बारे में बताया गया है, आज हम आपको उनकी के बारे में बताने जा रहे हैं।

1. पद्म पुराण के अनुसार-

पीपल के पेड़ पर सूर्योदय से पहले दरिद्र देवता क अधिकार होता है, जबकि सूर्योदय के बाद इस पर देवी लक्ष्मी का अधिकार होता है। यही कारण है कि सूर्योदय का बाद ही पीपल की पूजा की जाती है और सूर्योदय के पहले पीपल के पास जाने की मनाही होती है।

2. स्कंध पुराण के अनुसार-

पीपल की जड़ में भगवान विष्णु, तने में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्तों में श्रीहरि और फल में सभी देवी-देवताओं का वास होता है।

3. पद्म पुराण के अनुसार-

पीपल की परिक्रमा करके प्रणाम करने से आयु में वृद्धि होती है और पीपल के पेड़ को जल चढ़ाने से जीवन के सभी सुख मिलते हैं और स्वर्ग की प्राप्ति होती है।

4. पद्म पुराण के अनुसार-

शनि की साढ़ेसाती और ढ़ैया काल में पीपल की परिक्रमा और पूजन करने से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रकोप कम हो जाता है।

5. श्रीमद्भाग्वद् गीता के अनुसार-

अर्जुन को उपदेश देते हुए खुद भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि हे अर्जुन, वृक्षों में मैं पीपल (अश्वत्थ) का पेड़ हूं। यानी इसकी पूजा करना स्वयं मेरी आराधना करने के समान होता है।

6. पद्म पुराण के अनुसार-

पीपल के पेड़ की रोज पूजा-अर्चना करने, परिक्रमा करने और उसे जल चढ़ाने से योग्य संतान की प्राप्ति होती है।

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