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क्या आपने भी झूठ बोलकर पाया है कोई बड़ा फायदा तो जान लें ये 1 जरूरी बात

जीवन में हमेशा बनाए रखना चाहते हैं सुख और लाभ तो न लें झूठ का साथ

Danik Bhaskar | Dec 04, 2017, 05:00 PM IST

जीवन में मेहनत और ईमानदारी का बहुत महत्व होता है। झूठ बोलकर या छल से पाया गया लाभ अस्थायी होता है। झूठ बोलकर या धोखा देकर प्राप्त की गई कोई भी वस्तु कुछ समय बाद नष्ट हो ही जाती है। इसलिए, हमेशा मेहनत और ईमानदारी से ही अपने लक्ष्य को पाना चाहिए। इस बात को महाभारत की एक घटना से अच्छी तरह समझा जा सकता है...

आगे की स्लाइड्स पर जानें महाभारत की एक खास घटना...

तस्वीरों का प्रयोग प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

जब कर्ण ने झूठ बोलकर प्राप्त की परशुराम से शिक्षा

 

कुंती पुत्र कर्ण पराक्रमी योद्धा था, लेकिन उसने युद्ध कला झूठ बोल कर प्राप्त की थी। जिसका परिणाम उसे युद्ध में अपनी मौत के रुप में भोगना पड़ा। जन्म के समय ही अपनी माता कुंती द्वारा त्यागे जाने की वजह से कर्ण सूतपुत्र के रूप में जाना जाता था। वह परशुराम से शिक्षा लेना चाहता था, लेकिन परशुराम केवल ब्राह्मणों को ही शिक्षा देते थे। यह बात जानकर कर्ण ने परशुराम से अपने ब्राह्मण होने का झूठ बोला और उनसे कई दिव्य अस्त्रों-शस्त्रों का ज्ञान लिया। साथ ही ब्रह्मास्त्र की भी शिक्षा प्रप्त की। जब परशुराम को कर्ण के सूतपुत्र होने का सच पता चला तो वह बहुत क्रोधित हुए। परशुराम ने कर्ण को श्राप दिया कि जब युद्ध में सबसे महत्वपूर्ण समय आएगा तब वह अपना सारा ज्ञान भूल जाएगा और कोई भी अस्त्र या शस्त्र नहीं चला पाएगा। कुरूक्षेत्र के युद्ध में यही श्राप कर्ण की मृत्यु का भी कारण बना।

 

शिक्षा- झूठ बोल कर कभी सफलता प्राप्त नहीं की जा सकती। इससे हम तात्कालिक रुप से कितना ही लाभ कमा ले पर बाद में इसका नुकसान उठाना ही पड़ता है।