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कभी भी परोसे हुए खाने की बुराई न करें, खाते समय ध्यान रखें शास्त्रों की ये बातें

खाना खाते समय शास्त्रों में बताई गई बातों का ध्यान रखने पर स्वास्थ्य और धर्म संबंधी शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

Danik Bhaskar | Feb 12, 2018, 05:00 PM IST

गरुड़ पुराण के अनुसार भोजन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है। जानिए खाना खाते समय कौन-कौन सी 20 बातों का ध्यान रखना चाहिए...

1. कभी भी परोसे गए भोजन की निंदा नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने पर भोजन का अपमान होता है और उससे हमें शारीरिक ऊर्जा प्राप्त नहीं हो पाती है।
2. कभी भी एकदम भरपेट भोजन नहीं करना चाहिए। भूख से थोड़ा सा कम भोजन सेहत को फायदा पहुंचाता है। जो लोग भूख से थोड़ा कम खाना खाते हैं, वे सेहतमंद, दीर्घायु, बलवान, सुखी और सुन्दर शरीर प्राप्त करते हैं। ऐसे लोगों की संतान भी गुणवान होती है। जबकि जो लोग भूख अधिक भोजन करते हैं, वे आलसी प्रवृत्ति के हो जाते हैं और उन्हें कई प्रकार की बीमारियां होने की संभावनाएं काफी अधिक होती हैं।
3. मान्यता है कि हम जब भी खाना खाएं तब हमारा मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। भोजन करने के लिए ये दिशाएं शुभ मानी गई हैं। दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन नहीं करना चाहिए, क्योंकि शास्त्रों के अनुसार ऐसे भोजन नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। यदि हम हमेशा पश्चिम दिशा की ओर मुख करके ही भोजन करते हैं तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता कम हो सकती है।
4. पलंग पर बैठकर या खड़े होकर भोजन नहीं करना चाहिए। इस बात का भी ध्यान रखें कि टूटे-फूटे बर्तनों में भी भोजन नहीं करना चाहिए।
5. खाना खाने से पहले हमें अपने पांच प्रमुख अंगों (दोनों हाथ, दोनों पैर और मुख) को अच्छी तरह धो लेना चाहिए। इसके बाद भी भोजन करना चाहिए।
6. शास्त्रों के अनुसार हमें दिन में सिर्फ सुबह और शाम, दो बार ही भरपेट भोजन करना चाहिए। सुबह के समय और शाम के समय पाचन तंत्र बहुत अच्छी तरह भोजन पचाता है, क्योंकि सूर्योदय से 2 घंटे बाद तक और सूर्यास्त से ढाई घंटे पहले तक जठराग्नि (भूख) पूरे प्रभाव में रहती है। शेष समय में यदि भूख लगे तो फलाहार या हल्का भोजन किया जा सकता है। हर रोज मौसमी फलों का भी सेवन अवश्य करना चाहिए।

7. भोजन करने से पहले अन्न देवता और अन्नपूर्णा माता का ध्यान करना चाहिए। उन्हें नमन करने के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। साथ ही, ऐसी प्रार्थना करें कि सभी भूखों को भी ईश्वर भोजन प्रदान करें।
8. व्यक्ति को हमेशा शुद्ध मन और शुद्ध शरीर से भोजन बनाना चाहिए। यदि संभव हो तो भोजन बनाने से पहले देवी-देवताओं के मंत्रों का जप करना चाहिए।
9. यदि कोई व्यक्ति सभी को बता-बताकर आपको खाना खिलाए तो ऐसा भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए।
10. किसी कुत्ते के द्वारा खाना छू लिया गया हो तो ऐसा खाना न खाएं।