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शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय बोलें ये 1 मंत्र:, खत्म हो सकता है आपका दुर्भाग्य

शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय करना चाहिए ये 1 काम, इससे खत्म होता है दुर्भाग्य

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 05:00 PM IST

कल यानी 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है। ये दिन भोलेनाथ के सबसे प्रिय और खास दिनों में से एक माना जाता है। महाशिवरात्रि पर शिवजी की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व होता है। धर्म-ग्रंथों के अनुसार, इस दिन की गई शिव पूजा कभी भी बेकार नहीं जाती। भगवान शिव की पूजा करने के कुछ विशेष नियम होते हैं, जिनका पालन करने पर भोलेनाथ बहुत प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर मनोकामना पूरी करते हैं।

शिवजी को प्रसन्न करने का सबसे आसान उपाय है नियमित शिवलिंग का अभिषेक करना। यदि शिवलिंग का अभिषेक करते समय शिव के एक खास मंत्र का जाप किया जाए तो ये बहुत ही शुभ होता है। ऐसा करने पर भोलेनाथ की विशेष कृपा मिलती है।

जानिए कौन-सा है वे मंत्र और उसका अर्थ-

शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए-

दु:स्वप्नदु:शकुनदुर्गतिदौर्मनस्य,दुर्भिक्षदु‌र्व्यसन दुस्सहदुर्यशांसि।उत्पाततापविषभीतिमसद्ग्रहार्ति,व्याधीश्चनाशयतुमे जगतातमीश:॥

मंत्र का अर्थ

इस शिव स्तुति का सरल शब्दों में मतलब है कि संपूर्ण जगत के स्वामी भगवान शिव मेरे सभी बुरे सपनों, अपशकुन, दुर्गति, मन की बुरी भावनाएं, भूखमरी, बुरी लत, भय, चिंता, संताप, अशांति, उत्पात, ग्रह दोष और सारी बीमारियों से मेरी रक्षा करें।

मंत्र का महत्व

रोज शिवलिंग का अभिषेक करते हुए इस मंत्र का जाप करने पर मनुष्य को दुर्भाग्य, ग्रहदोष, बुरे सपने और गरीबी जैसी सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और मन शांत रहता है।

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