विज्ञापन

भूलकर भी न करें इन 4 का अपमान, ध्यान रखें ये है महापाप

Dainik Bhaskar

Mar 11, 2018, 05:00 PM IST

शास्त्रों में कुछ ऐसे काम बताए गए हैं, जिनकी वजह से पूजा-पाठ का फल नहीं मिल पाता है।

religius tips in hindi, how to be happy in life, happiness in life
  • comment

यूटिलिटी डेस्क. कभी-कभी क्रोध वश हम अपने आसपास रहने वाले लोगों का अपमान कर देते हैं। वैसे तो किसी का भी अपमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से आपसी रिश्ते खराब होते हैं। वाल्मीकि रामायण में 4 ऐसे लोगों के बारे में बताया गया है, जिनका अपमान करना महापाप है। इन 4 का अपमान करने वाला चाहे कितनी भी पूजा-पाठ या दान-धर्म कर ले, उसका पाप नहीं मिटता। जानें कौन हैं ये 4 लोग…

वाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड में लिखा है कि-

मातरं पितरं विप्रमाचार्य चावमन्यते।

स पश्यति फलं तस्य प्रेतराजवशं गतः।।

इस श्लोक के अनुसार हमें किसी भी परिस्थिति में माता, पिता, ज्ञानी और गुरु का अपमान करने की भूल नहीं करनी चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार माता-पिता को हर हाल में पूजनीय माना गया है। इनकी सेवा करनी चाहिए। जो लोग अपने माता-पिता को प्रसन्न रखते हैं, उन्हें सभी देवी-देवताओं की कृपा मिलती है। माता-पिता का अपमान करने वाला व्यक्ति कभी भी सुखी नहीं रह पाता है। गणेशजी ने अपने माता-पिता यानी शिव-पार्वती की विशेष अराधना की थी, इससे प्रसन्न होकर शिवजी ने गणेशजी को प्रथम पूज्य देव होने का वरदान दिया था।

हमारे आसपास जो भी ज्ञानी, ब्राह्मण और गुरु हैं, उनका हमेशा सम्मान करें। शास्त्रों में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ बताया गया है। विद्वान लोगों के साथ रहने से हमारा ज्ञान बढ़ता है और अच्छा-बुरा समझने की शक्ति बढ़ती है। ज्ञानी लोगों का अपमान करने से देवी-देवता भी नाराज हो जाते हैं। ब्राह्मण हमें पूजा-पाठ की सही विधि बताते हैं, जिससे हम भगवान की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इनका अपमान करने वाले व्यक्ति को किसी भी पूजा-पाठ का फल नहीं मिल पाता है।

religius tips in hindi, how to be happy in life, happiness in life
  • comment
X
religius tips in hindi, how to be happy in life, happiness in life
religius tips in hindi, how to be happy in life, happiness in life
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन