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श्रीदेवी के शरीर को सजाया था दुल्हन की तरह, जानें सुहागिन स्त्री के शव क्यों सजाते हैं

एक्ट्रेस श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी की देर रात दुबई में हुआ था।

Dainik Bhaskar

Feb 28, 2018, 06:21 PM IST
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बुधवार शाम मुंबई में श्रीदेवी का अंतिम संस्कार हो गया। उनके पति बोनी कपूर ने मुखाग्नि दी थी। अंतिम संस्कार से पहले श्रीदेवी के पार्थिव शरीर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। लाल साड़ी पहनाई गई, माथे पर लाल बिंदी, होंठों पर लिपस्टिक लगाई और मोगरा के फूल भी पास रखे गए थे। हिन्दू परंपराओं के अनुसार सुहागिन स्त्री की मृत्यु के बाद उसके शरीर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार ऐसा क्यों किया जाता है...

ये अखंड सौभाग्य का प्रतीक

हिन्दू धर्म में स्त्री का सुहागिन के रूप में मरना उसके सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। ये सौभाग्य सभी स्त्रियों को नहीं मिल पाता है। पुरानी परंपरा है कि घर की सभी स्त्रियों को हर रोज पूरा श्रृंगार करना चाहिए, इससे घर में सुख-समद्धि बनी रहती है। मृत्यु के बाद अंतिम बार सुहागिन काे पूरे श्रृंगार के साथ सजाया जाता है ताकि मृतका का शव जब घर से निकले तो पूरे सम्मान के साथ निकले। जिससे उसकी आत्मा को शांति मिलती है।

सुहागिन के श्रृंगार के लिए जरूरी हैं ये चीजें

सुहागिन स्त्री के श्रृंगार के लिए सोलह चीजें बताई गई हैं, जिन्हें सोलह श्रृंगार कहा जाता है। महिलाओं के सोलह श्रृंगार में बिंदी, सिंदूर, काजल, मेहंदी, गजरा, टीका, नथ, कानों के कुंडल, मंगल सूत्र, बाजूबंद, कंगन, अंगूठी, कमरबंद, बिछुएं, पायल, लाल कपड़े शामिल होते हैं। ये सभी चीजें हर सुगाहिन के लिए धारण करना जरूरी माना गया है। सुहागिन की मृत्यु के बाद इन चीजों से ही शव को सजाया जाता है।

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