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​बाराबफात आज, क्या आप जानते हैं क्यों मनाते हैं ये पर्व?

मिलाद-उन-नबी मुस्लिम संप्रदाय के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसे बारा बफात व ईदे मिलाद भी कहते हैं।

Danik Bhaskar | Dec 01, 2017, 05:00 PM IST

मिलाद-उन-नबी मुस्लिम संप्रदाय के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसे बारा बफात व ईदे मिलाद भी कहते हैं। इस दिन नबी मोहम्मद सल्ल का जन्म भी हुआ था और उनकी वफात (मृत्यु) भी। मुस्लिम पंचांग के अनुसार, यह त्योहार रबी उलावल महीने की बारह तारीख को मनाया जाता है। इस बार यह त्योहार 2 दिसंबर, शनिवार को है।
इस दिन सभी मुस्लिम देशों सहित भारत के भी अनेक भागों में जुलूस निकाले जाते हैं, जिसे जुलुसे मोहम्मदी कहा जाता है। इसकी तैयारियां लोग बहुत पहले से करते हैं। इस दिन लोग खुदा का शुक्र अता करते हैं कि उसने हमें ऐसा पैगंबर अता किया, जिस नबी की चर्चा उनके जन्म के पहले ही दिन से थी। नबी सल्ल अलैह वसल्लम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनका लाया हुआ कुरान हमेशा और सब के लिए है।
इस दिन जलसों में कुरान-ए-पाक की तलावत की जाती है। नातें-ए-शरीफ पढ़ी जाती है और सल्ल का जिक्र किया जाता है। इस दिन इबादत का विशेष महत्व है। इस दिन लोग दरूद-शरीफ भी पढ़ते हैं। रबी उलावल का पूरा महीना इबादत का है, इस महीने में ऐसी महफिलों का आयोजन किया जाता है, जिसमें नबी सल्ल की जीवनी का बयान किया जाता है।