--Advertisement--

​पौष मास 4 सेः 2018 में कैसी होगी बारिश, जानिए इस महीने से

अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार, इस बार पौष मास 4 दिसंबर 2017, सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 2 जनवरी 2018, मंगलवार तक रहेगा।

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2017, 05:00 PM IST
poush month start on 4 December.

हिंदू धर्म में पौष मास को बहुत ही पुण्यदायी माना गया है। अंग्रेजी कैलेण्डर के अनुसार, इस बार पौष मास 4 दिसंबर 2017, सोमवार से शुरू हो रहा है, जो 2 जनवरी 2018, मंगलवार तक रहेगा। इन 29 दिनों में होने वाले मौसम परिवर्तन तथा ज्योतिषिय योगों के आधार पर आगामी वर्ष में होने वाली बारिश का संभावित अनुमान लगाया जा सकता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है। मयूर चित्रम् के अनुसार-

कुद्वत्तासुत्रितिथिषु पौषे गर्भ: प्रजापते।
तदा सुभिक्षमारोग्यं श्रावण्यां वारिवर्षणम्।।

पौष मास के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी, चतुर्दशी और अमावस्या को यदि आकाशीय गर्भ हो तो सुभिक्ष का योग बनाता है। यह योग श्रावण की पूर्णिमा को वर्षा करवाता है।

- पौष मास के पूर्वाभाद्रप्रद नक्षत्र के दिन यदि बादल दिखाई दें, गरजें या बरसें, इंद्रधनुष या बिजलियां चमकती दिखाई दें तो अच्छी वर्षा होती है। पौष शुक्ल पंचमी को यदि बर्फ गिरे तो बहुत वर्षा होती है।

पौष मास के अन्य योगों के बारे में जानने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें-

तस्वीरों का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

poush month start on 4 December.

- इसी प्रकार यदि पौष मास की सप्तमी को आधी रात के बाद वर्षा हो अथवा बादल गरजें तो उस क्षेत्र में वर्षा काल में बारिश नहीं होती, यह महर्षि नारद का कथन है।

 

- पौष शुक्ल सप्तमी को रेवती, अष्टमी को अश्विनी तथा नवमी को भरणी नक्षत्र हो और आकाश में बिजली चमकती दिखाई दे तो पावस काल में पर्याप्त होती है। पौष की एकादशी को रोहिणी नक्षत्र में वर्षा हो तो वर्षाकाल में अच्छी बारिश होती है।

 

मयूर चित्रम् के अनुसार-
शुक्लायां यदि सप्तम्यां घनैराच्छदितं नभ:।
तदास्थाच्छ्रावण मासि सप्तम्यां वृष्टिरूत्तमा:।।


इसके अनुसार यदि पौष शुक्ल सप्तमी को बादल हों तो श्रावण शुक्ल सप्तमी को अच्छी वर्षा का योग बनता है।

X
poush month start on 4 December.
poush month start on 4 December.
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..