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हिंदू धर्म में धूनी देने की प्राचीन परंपरा है। धूप देने से मानसिक शांति और प्रसन्नता मिलती है।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 01:39 PM IST

हिंदू धर्म में धूनी देने की प्राचीन परंपरा है। धूप देने से मानसिक शांति और प्रसन्नता मिलती है। साथ ही तनाव और मानसिक रोगों से भी मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि हिंदू धर्म में सालों से धूनी देने की परंपरा है और गुग्गल की धूनी सबसे बेहतर मानी जाती है। 'गुग्गल' एक वृक्ष है। इससे प्राप्त राल जैसे पदार्थ को भी 'गुग्गल' कहा जाता है। इसमें मीठी महक रहती है। इसको अग्नि में डालने पर स्थान सुंगध से भर जाता है।

इसलिए इसका धूप में उपयोग किया जाता है। यह कटु तीखा व उष्ण है और कफ, वात व पित्त नाशक है। गुग्गल एक छोटा पेड़ है जिसके पत्ते छोटे होते हैं। यह सिर्फ वर्षा ऋतु में ही वृद्धि करता है व इसी समय इस पर पत्ते दिखाई देते हैं। बाकि समय यानि सर्दी तथा गर्मी के मौसम में इसकी वृद्धि रूक जाती है। ये पर्णहीन हो जाता है। सामान्यत: गुग्गल का पेड 3-4 मीटर ऊंचा होता है। इसके तने से सफेद रंग का दूध निकलता है जो इसका का उपयोगी भाग है।

प्राकृतिक रूप से गुग्गल भारत के कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात व मध्यप्रदेश राज्यों में उगता है। भारत में गुग्गल विलुप्तावस्था के कगार पर आ गया है, इसलिए बडे क्षेत्रों मे इसकी खेती करने की जरूरत है। हमारे देश में गुग्गल की मांग अधिक व उत्पादन कम होने के कारण अफगानिस्तान व पाकिस्तान से इसका आयात किया जाता है। आइए जानते हैं घर में गुग्गल की धूनी देने के क्या धार्मिक और हेल्दी फायदे हैं।