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सर्दियों में खाया जाने वाला च्यवनप्राश कब से और क्यों चलन में आया, जानें पूरी कहानी

सेहत बनाने के लिए कई लोग सर्दियों में च्यवनप्राश खाते हैं।

Danik Bhaskar | Dec 15, 2017, 03:13 PM IST

सेहत बनाने के लिए कई लोग सर्दियों में च्यवनप्राश खाते हैं। आयुर्वेदिक औषधियों से बना ये च्यवनप्राण सबसे पहले किसने बनाया और कैसे बनाया इसके पीछे की कहानी बहुत रोचक है। च्यवनप्राश आधुनिक नहीं है, सतयुग से ये बनाया और खाया जाता रहा है। पुराणों में बकायदा इसके प्रमाण हैं। आइए जानते हैं सबसे पहले किसने और क्यों बनाया था च्यवनप्राश....

सतयुग की बात है, आज से लाखों साल पहले, वैवस्वत मनु के पुत्र शर्याति वेदों के विद्वान थे। उनकी एक बहुत सुंदर बेटी थी जिसका नाम सुकन्या था। एक बार राजा शर्याति अपनी पत्नी और बेटी के साथ जंगल में भ्रमण करने गए। सुकन्या जंगल में घूम रही थी। तभी एक जगह उसे दीमकों की बांबी दिखाई दी। वहां एक छेद से उसे दो किरणें सी निकलती दिखाई पड़ी। अपनी चंचलता के कारण सुकन्या ने एक कांटे से उस ज्योति वाले छेद को बंद करने की कोशिश की। तभी उसमें से खून बहने लगा तो वह घबरा गई।

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