--Advertisement--

अक्सर चीजें या बातें भूलने की आदत है तो अपनाएं ग्रंथों में बताए गए इन उपायों में से कोई 1

आयुर्वेद की शुरुआत ऋगवेद से मानी जाती है।

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 01:30 PM IST

जीवन में आगे बढ़ने और तरक्की करने के लिए तेज दिमाग होना बहुत जरुरी है। यदि आपकी बुद्धि प्रखर है तो आप कोई भी काम बड़ी ही सहजता से कर सकते हैं और बड़े से बड़े संकट का सामना भी आसानी से कर सकते हैं। इसलिए दिमाग का तेज होना वर्तमान समय में सफल होने के लिए बहुत ही जरूरी है। यदि आप चाहते हैं कि आपका दिमाग भी कम्प्यूटर से तेज चले तो वेदों में बताए गए उपायों को अपनाएं। वेदों में अनेक ऐसे विषयों पर बात की गई है जो मनुष्य के शरीर व उसमें जुड़े रोगों के बारे में है। दरअसल, ​आयुर्वेद की शुरुआत ही ऋगवेद से मानी जाती है। ऋगवेद और यजुर्वेद में अनेक औषधियों और जल चिकित्सा, सूर्य चिकित्सा, अग्नि चिकित्सा, शल्य चिकित्सा आदि का वर्णन मिलता है। साथ ही वैद्यों के रूप में ब्रह्मा और अश्विनी कुमारों का ज़िक्र मिलता है। यही कारण है कि आयुर्वेद को वेद का अभिन्न अंग माना गया है। आयुर्वेद में कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों के बारे में भी जानकारी मिलती है। जिनमें दिमागी शक्ति बढ़ाने का गुण पाया जाता है। आइए जानते हैं 5 ऐसी ही जड़ी-बूटियों के बारे में...

अगली स्लाइड से पढ़ें- याददाश्त बढ़ाने वाली चीजों के बारे में...