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गरीबी खत्म कर सकते हैं शुक्र ग्रह से जुड़े ये उपाय, इन्हें कोई भी कर सकता है

यदि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर है, तो आपका कोई भी काम पूरा नहीं हो पाएगा. आप सुख-समृद्धि की कितनी भी कोशिश कर लें

Danik Bhaskar | Dec 14, 2017, 03:16 PM IST

भारतीय वैदिक ज्योतिष के अनुसार आकर्षण और प्रेम वासना का प्रतीक शुक्र ग्रह नक्षत्रों के प्रभाव से व्यक्ति समाज पशु-पक्षी और प्रकृति तक प्रभावित होते हैं। ग्रहों का असर जिस तरह प्रकृति पर दिखाई देता है ठीक उसी तरह इंसानों पर सामान्यतः यह असर देखा जा सकता है। आपकी कुंडली में ग्रह स्थिति बेहतर होने से बेहतर फल प्राप्त होते हैं। वहीं ग्रह स्थिति अशुभ होने की दशा में अशुभ फल भी प्राप्त होते हैं। बलवान ग्रह स्थिति स्वस्थ सुंदर आकर्षण की स्थितियों की जन्मदाता बनती हैं तो निर्बल ग्रह स्थिति शोक संताप विपत्ति की प्रतीक बनती हैं। लोगों के मध्य में आकर्षित होने की कला के मुख्य कारक शुक्र ग्रह हैं। कहा जाता है कि शुक्र जिसके जन्मांश लग्नेश केंद्र में त्रिकोणगत हों वह आकर्षक प्रेम सौंदर्य का प्रतीक बन जाता है। यह शुक्र क्या है और बनाने व बिगाड़ने में माहिर शुक्र देव का पृथ्वी लोक में कहां तक प्रभाव है।

बृहद पराशर होरा शास्त्र में कहा गया है कि
सुखीकान्त व पुः श्रेष्ठः सुलोचना भृगु सुतः।
काब्यकर्ता कफाधिक्या निलात्मा वक्रमूर्धजः।।



तात्पर्य यह है कि शुक्र बलवान होने पर सुंदर शरीर, मुख, नेत्र, पढ़ने-लिखने का शौकीन, कफ वायु प्रकृति प्रधान होता है। शुक्र के अन्य नामः भृगु, भार्गव, सित, सूरि, कवि, दैत्यगुरू, काण, उसना, सूरि, जोहरा (उर्दू का नाम) आदि हैं। शुक्र का स्वरूपः यह ग्रह सुंदरता का प्रतीक, मध्यम शरीर, सुंदर विशाल नेत्रों वाला, जल तत्व प्रधान, दक्षिण पूर्व दिशा का स्वामी, श्वेत वर्ण, युवा किशोर अवस्था का प्रतीक है।

यदि आपकी कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर है, तो आपका कोई भी काम पूरा नहीं हो पाएगा। आप सुख-समृद्धि की कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन वो आपको मिलेगी नहीं। शुक्र खूबसूरती देता है। साथ ही, सौभाग्य , ऐश्वर्य व धन का कारक ग्रह भी यही है। जीवन में आकर्षक व पैसे वाला बने रहना है तो शुक्र से संबंधित इन 5 बातों का हमेशा रखें ध्यान...