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लाइफ में जो चाहेंगे वो जरूर मिलेगा बस याद रखें ये एक बात

जब युवक कुछ देर तक छुटने के लिए झटपटा रहा था।

Danik Bhaskar | Dec 26, 2017, 02:26 PM IST

एक चेला यानी शिष्य अपने गुरु के पास गया और बोला मैं ईश्वर को पाना चाहता हूं। गुरु ने उस युवक की और देखा एक शब्द भी नहीं बोले और मुस्कुरा दिए। युवक रोजाना आता था और आग्रह करता था, कि उसको ईश्वर चाहिए। मगर वृद्ध को युवक की अपेक्षा अधिक ज्ञान था। एक दिन जब बहुत गर्मी पड़ रही थी, गुरु ने उस युवक को अपने साथ चल कर नदी में स्नान करने को कहा। उसने जैसे ही नदी में डुबकी लगाई, वृद्ध ने पीछे से आकर उसे पानी में ही दबा लिया।

जब युवक कुछ देर तक छुटने के लिए झटपटा रहा था। तब उन्होंने उसे छोड़ दिया और पूछा कि जब तुम पानी के अंदर थे, तब तुम्हारी एकमात्र इच्छा क्या थी? शिष्य ने उत्तर दिया , सिर्फ एक सांस। तब गुरु ने कहा क्या तुम्हारी ईश्वर को प्राप्त करने की इच्छा भी इतनी ही तीव्र हैं यदि हो तो वह तुम्हे एक क्षण में ही मिल जाएगा। जब तक तुम्हारी भूख तुम्हारी इच्छा इतनी ही तीव्र नहीं हैं, तब तक तुम परमात्मा को नहीं पा सकते, चाहे तुम कितना ही कर्मकांड कर लो।

इसलिए एक लक्ष्य अपनाओ उस लक्ष्य को ही अपना जीवन का काम समझो।हर क्षण उसी का चिंतन करों, उसी का स्वप्न देखो उसी के सहारें जीवित रहो, दिमाग, मांसपेशिया, नसें आदि शरीर के हर अंग उसी विचार से ओतप्रोत हों और अब तक अन्य विचार को किनारें पड़ा रहने दो। सफलता का यहीं राजमार्ग हैं, इसी रास्ते पर चल कर आध्यत्मिक महापुरुष पैदा हुए हैं जो अपने लक्ष्य के प्रति पागल हो गए हैं। उसे ही प्रकाश के दर्शन होते हैं जो इधर-उधर ध्यान बांटते हैं वो कोई लक्ष्य पूर्ण नहीं कर पातें। वे कुछ समय के लिए तो बड़ा जोश दिखातें हैं, लेकिन वो जल्दी ठंडा हो जाता है।