Sanskar Aur Sanskriti

--Advertisement--

चमत्कारी असर करते हैं ये मंत्र, अपनी जरुरत के हिसाब से बोलें इनमें से कोई 1

मंत्र एक लयात्मक शक्ति हैं कहते हैं लय में मंत्र बोलने के कईज फायदे हैं।

Dainik Bhaskar

Dec 20, 2017, 03:17 PM IST
The Power of Mantra Chanting

मंत्र एक लयात्मक शक्ति हैं कहते हैं लय में मंत्र बोलने के कई फायदे हैं। बीज मंत्र पूरे मंत्र का एक छोटा रूप होता है। अलग- अलग भगवान का बीज मंत्र जपने से ऊर्जा का प्रवाह होता हैं और जीवन से परेशानियां खुद ही दूर होने लगती हैं। साथ ही, जीवन में कई चमत्कार भी घटित होने लगते हैं। आइए जानते हैं बीज मंत्रों के बारे में कुछ खास जानकारी और उनके महत्व को...

मूल बीज मंत्र
मूल बीज मंत्र "ॐ" होता है जिसे आगे कई अलग बीज में बांटा जाता है- योग बीज, तेजो बीज, शांति बीज, रक्षा बीज।
मंत्र
ये सब बीज इस प्रकार जपे जाते हैं- ॐ, क्रीं, श्रीं, ह्रौं, ह्रीं, ऐं, गं, फ्रौं, दं, भ्रं, धूं,हलीं, त्रीं,क्ष्रौं, धं,हं,रां, यं, क्षं, तं।

ह्रीं
ह्रीं हरण शक्ति का प्रतीक है। जिसका अर्थ है इस शक्ति का संचय और ऊर्जा की वृद्धि। यह विशेष रूप से सूर्य या उसके आलोक या प्रकाश से संबंधित है। यह दैवीय कृपा को बढ़ाने और ग्रहण करने में मदद करता है और यह महामाया का बीज मंत्र है।
श्रीं
श्रीं यह शरण शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। शरण यानी समर्पण यह देवी लक्ष्मी के लिए प्रयोग होने वाला बीज मंत्र है जो कि समृद्धि की देवी हैं और यह चंद्रमा से संबंधित है।
क्रीं
यह काली का बीज मंत्र है और इसके जप से असीम ऊर्जा और शक्ति मिलती है।
क्लीं
बीजमंत्र क्लीं सब तरह की मनोकामनाओं की सिद्धि के लिए बड़ा प्रभावशाली माना गया है।
X
The Power of Mantra Chanting
Click to listen..