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प्रेग्नेंट लेडी के कमरे में बच्चे का फोटो लगाने का कितना इफैक्ट होता है जानें Myth &Fact

हर वुमन चाहती है कि उसका बच्चा सुंदर और स्वस्थ पैदा हो।

Danik Bhaskar | Dec 05, 2017, 02:49 PM IST
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हर वुमन चाहती है कि उसका बच्चा सुंदर और स्वस्थ पैदा हो। इसलिए लोग गर्भावस्था के दौरान कई मान्यताओं पर विश्वास करते हैं जो कि वाकई में सिर्फ मिथ है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही बातों को…

मिथ 1- दीवार पर बच्चे की सुंदर सी तस्वीर लगाने से आपका बच्चा भी वैसा ही सुंदर पैदा होगा।
किसी भी नवजात का चेहरा उसके जेनेटिक गुणों पर निर्भर करता है। खूबसूरत बच्चों की तस्वीरें दीवार पर लगाने से आपका बच्चा वैसा नहीं दिखेगा। हालांकि ऐसी तस्वीरों को देख प्रेग्नेंट महिला सकारात्मक महसूस करेगी, जिससे उसकी सेहत पर अच्छा असर पड़ेगा। इसलिए यह मान्यता सिर्फ सकारात्मकता बढ़ाने के लिए है। इसमें कोई वैज्ञानिक सच्चाई नहीं है।

मिथ 2 - ग्रहण लगने के दौरान बाहर निकलने या बाहर काम करने से बच्चे पर असर पड़ता है।

ग्रहण लगना ये एक प्राकृतिक घटना है, इसका बच्चे पर निश्चित रूप से कोई असर नहीं पड़ता। लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप नंगी आंखों से इसे देखें। सभी लोगों की तरह प्रेग्नेंट महिलाओं को भी सामान्य सावधानियां बरतनी चाहिए।


अगली स्लाइड पर पढ़ें- कुछ और ऐसी ही मान्यताओं के बारे में..

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मिथ 3- सुबह-सुबह सफेद चीज खाने से, बच्चा गोरा पैदा होता है।

अगर ऐसा होता तो किसी को भी गोरा बनाने के लिए दूध-ब्रेड काफी होता। आप जिस भी चीज को खाती हैं उसके रंग का लेना देना आपके शिशु के रंग से नहीं होता। शिशु का रंग आनुवांशिकी पर निर्भर करता है। खाने का रंग पर बहुत अधिक प्रभाव होता है इस बात में कोई वैज्ञानिक तथ्य नहीं है।

 

 

मिथ 4- बेबी के सिर पर बहुत अधिक बाल होने की वजह से मां को एसिटिडी की समस्या होती है।
मां को एसिटिडी उसके बढ़ते पेट के कारण होती है। यूट्रस बढ़ता है और आंतों को ऊपर की ओर ढकेलता है जिससे बदहजमी, एसिडिटी और कब्ज की समस्या होती है।

 

 

 

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मिथ 5- नारियल पानी पीने से बच्चे का सिर नारियल जैसा हो जाता है।
नारियल पानी पोटैशियम का स्रोत है और ये पेट के लिए अच्छा होता है। नारियल पानी का बच्चे के सिर के आकार पर कोई असर नहीं पड़ता।

 

मिथ 6- पेट के आकार से बच्चे का लिंग निर्धारण मुमकिन है।
बच्चा जिस तरीके से गर्भ में लेटा होगा पेट का आकार वैसा दिखेगा। इसके आकार से बच्चे का लिंग निर्धारण मुमकिन नहीं है।