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शनि के ये मंत्र रोजाना बोलने से दूर होता है शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या का बुरा प्रभाव

शनि देव को कर्मफल दाता माना गया है। इनकी उपासना से जीवन में सौभाग्य, दौलत, सफलता और सम्मान मिलता है।

Dainik Bhaskar

Dec 27, 2017, 02:04 PM IST
Shani Sade Sati, Dhaiya Explained & Remedies

शनि देव को कर्मफल दाता माना गया है। इनकी उपासना से जीवन में सौभाग्य, दौलत, सफलता और सम्मान मिलता है। यदि किसी की कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में विराजमान है या शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रहा हो तो कामों में आ रही रुकावटों को दूर करने और दुर्भाग्य को साैभाग्य में बदलने के लिए रोज शाम को यहां बताए गए इन शनि मंत्रों में से कोई भी 1 मंत्र कम से कम 108 बार बोलें।

वैदिक मंत्र
ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शंयो‍रभि स्रवन्तु न:।।
पौराणिक मंत्र
नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्
छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामी शनैश्चरम्।।
बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:
सामान्य मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नम:
शनिजी की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाएं और इनका जप करें-
ॐ नीलांजन नीभाय नम:
ॐ नीलच्छत्राय नम:

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