--Advertisement--

घर में ये पारंपरिक उपाय करने से बढ़ने लगती है बरकत, पीछे छुपा है ये सांइटिफिक रिज़न

गाय का हमारे जीवन में बहुत अधिक उपयोग है। इससे मिलने वाली हर चीज हमारे लिए लाभदायी है।

Dainik Bhaskar

Dec 01, 2017, 02:43 PM IST
remedies for prosperity remedies for prosperity

गाय को हिंदू धर्म में पूजनीय माना गया है। कहा जाता है कि इससे मिलने वाली हर चीज हमारे लिए लाभदायी है। गाय के अनेकों उपयोग और लाभ को देखकर ही भारतीय संस्कृति में उसे सर्वोच्च उपाधि मां कहकर दी गई है।

गाय से पंचगव्य मिलता है। पंचगव्य यानी गाय से मिलने वाली पांच चीजें दूध , दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र। इनमें गोमूत्र तो ऐसी दवा है, जिस पर विज्ञान की दुनिया में सबसे ज्यादा बात हो रही है। गोमूत्र को विशेष गुणों के कारण ही अमृत तुल्य कहा गया है। गोमूत्र का पान उसके गुणों के कारण ही पवित्र माना गया है। शास्त्र कहते हैं-
यत्वगस्थिगतं पापं देहे तिष्ठïति मामके।
प्राशनात् पंचगव्यस्य दहत्व ग्रिरिवेन्धनम्॥

अर्थात जो पाप मेरी हड्डियों में घुस गए हैं वे पंचगव्य के पान से उसी तरह नष्ट हो जाएं जैसे अग्नि सूखी लकड़ियों को जलाकर भस्म कर देती है। इससे स्पष्ट है कि गाय से मिलने वाले पंचगव्य- दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र हमारे लिए कितने उपयोगी हैं। गोमूत्र का प्राचीन चिकित्सा विज्ञान में ही महत्वपूर्ण स्थान नहीं है, बल्कि वर्तमान अनुसंधानों ने युग का अमृत कहकर गोमूत्र को महत्वपूर्ण औषधि के रूप में स्वीकार किया गया है।

अगली स्लाइड पर पढ़ें- गौमूत्र के वैज्ञानिक फायदे ...


remedies for prosperity remedies for prosperity

गोमूत्र की प्रकृति
गोमू कड़वा, तीखा और गर्म होता है। यह गैस और एसिडिटी को खत्म करने में कारगर है, क्योंकि ये शरीर में वात और पित्त को संतुलित करता है। 

 

वैज्ञानिक विश्लेषण
गोमूत्र में पोटेशियम, कैल्शियम, क्लोराइड, यूरिया, फास्फेट, अमोनिया, क्रिएटिनिज आदि तत्व होते हैं।

 

गोमूत्र औषधि
गोमूत्र का आयुर्वेद और अन्य शास्त्रों में चिकित्सकीय महत्व बताया गया है। गोमूत्र दर्दनिवारक होने के साथ ही गुल्म, पेट के रोग आदि बीमारियों का नाश करता है। आयुर्वेद में गोमूत्र से कुष्ट व अन्य चर्म रोगों का उपचार किया जाता है सांस के रोग ,आंत के रोग, पीलिया भी गोमूत्र से खत्म होते हैं। मुख रोग, आंखों के रोग और कान के रोग भी मिट जाते हैं। आधुनिक चिकित्सा विज्ञानी गोमूत्र को दिल के रोग, कैंसर, टीबी, पीलिया, मिर्गी, हिस्टिरिया जैसे खतरनाक रोगों में प्रभावकारी मानते हैं।

 

 

 

 

remedies for prosperity remedies for prosperity

घर में क्यों करते हैं गोबर से लेपन, क्यों छिड़कते हैं गो-मूत्र
आज भी भारत के गांवों में घरों में गोबर से फर्श को लिपने और गो-मूत्र छिड़कने की परंपरा है। गोमूत्र को पवित्र माना जाता है क्योंकि उसमें कीटनाशक के गुण होते हैं। यही कारण है कि पूजा-पाठ से पहले गोबर से लेपन और गोमूत्र का छिड़काव किया जाता है। पूजा-पद्धतियों में पंचगव्य में गोमूत्र को भी शामिल किया गया है।
गो-मूत्र में एसिड होता है जो बीमारियों के बैक्टिरियाज को मार देता है। इस कारण घर में गोबर से लिपने और गो-मूत्र छिड़कने की परंपरा थी। शास्त्रों में गोमूत्र से चिकित्सा करने वाले ऋषियों आदि का उल्लेख है। उनमें महर्षि पालकाव्य, ऋतुपर्ण, नल और नकुल प्रमुख हैं। इन ऋषियों ने विभिन्न ग्रंथों में गो-मूत्र पर बहुत लिखा है।
यदि गाय का मूत्र ही केवल इतना गुणकारी है तो उसके अन्य तत्वों का भी कितना महत्व होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है। यही कारण है कि अर्थवेद में कहा गया है-
एतद् वै विश्वरूपं सर्वरूपं गोरूपम्।
अर्थात गाय संपूर्ण विश्व-ब्रह्माण्ड का रूप है। इसी कड़ी में एक बंगाली कहावत का भी उल्लेख किया जाना उचित है-
जो खाय गोरूर चोना, तार देह होय सोना।
अर्थात जो प्रतिदिन गोमूत्र का सेवन करते हैं उनका शरीर सोने जैसा शुद्ध हो जाता है। यदि रोजाना घर में गो-मूत्र का छिड़काव किया जाए तो नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और घर में हमेशा बरकत बनी रहती है।

X
remedies for prosperityremedies for prosperity
remedies for prosperityremedies for prosperity
remedies for prosperityremedies for prosperity
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..