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शादी के बाद भी इन उपायों से दूर हो सकता है मांगलिक दोष

ज्योतिष में इसके लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। जिनको करने से शादी होने के बाद भी बहुत हद तक मांगलिक दोष से राहत मिल सकती है।

Danik Bhaskar | Jan 05, 2018, 05:00 PM IST
हिंदू शास्‍त्र में विवाह से पूर्व वर वधू की कुंडली मिलान करवाने की अलग ही महत्‍ता हैं। विवाह से पहले लड़के और लड़की की कुंडली जरूर मिलाई जाती है। दोनों की कुंडली के कितने गुण मिलते हैं, दोनों में क्या गुण-अवगुण है, किन ग्रहों का कैसा प्रभाव है और सबसे महत्वपूर्ण कि दोनों में से कोई मांगलिक दोष से पीड़ित तो नहीं है? कुंडली मिलाने के पीछे तर्क ही ये है अगर लड़के और लड़की दोनों के कुंडली में कोई दोष मिलता है तो समय रहते इसका निदान करवाया जा सकता ?

लेकिन कई बार होता है कि कुछ लोग शादी से पहले कुंडली मिलान नहीं करवा पाते हैं। जिसके बाद पति-पत्‍नी के रिश्तें में कई तरह की समस्‍या आ जाती हैं। इससे दाम्पत्य जीवन में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिलते हैं। कई बार विवाह के बाद मांगलिक दोष के बारे में मालूम पड़ता है ऐसे में पति-पत्नी दोनों चिंतित हो जाते हैं। ज्योतिष में इसके लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। जिनको करने से शादी होने के बाद भी बहुत हद तक मांगलिक दोष से राहत मिल सकती है। ज्योतिष शास्त्र में वैसे तो शादी से पहले ही मांगलिक दोष और उसके परिहार पर विचार करने का विधान बताया गया है, लेकिन भूलवश जो लोग ये नहीं कर पाते उनके लिए ये उपाय हैं।

कुंडली में ऐसे पता चलता है मांगलिक दोष

शादी के लिए कुंडली मिलाते समय सबसे पहले मांगलिक दोष को खासतौर से देखा जाता है। इस मुद्दे पर काफी गौर किया जाता है। यह एक ऐसा दोष है जो कुंडली के मंगल ग्रह से जुड़ा होता है। अगर लड़के या लड़की की कुंडली में मंगल 1, 4, 6, 8 या 12 वें भाव है तो इससे मांगलिक दोष बनता है।

पत्‍नी के लिए -
उपाय के अनुसार अगर पति या पत्नी में से पत्नी उपाय करने जा रही है तो वह किसी भी मंगलवार के दिन पूर्ण विधि-विधान के साथ ‘मंगला-गौरी' पूजा करे। ऐसा करने से मांगलिक दोष जल्द से जल्द शांत हो जाता है।

 

पति के लिए उपाय इस प्रकार है - 
मांगलिक व्यक्ति को उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में पूर्ण विधि-विधान से ‘भात पूजन' करवाना चाहिए। इस पूजा में यदि उसकी पत्नी भी भागीदारी करे तो उत्तम होगा।