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शनि अमावस्या कल, 14 साल बाद बना है शुभ योग अब बनेगा 2025 में

चैत्र मास में शनिवार को शुभ योग में शनिश्चरी अमावस्या का योग 14 साल बाद बन रहा है।

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2018, 12:16 PM IST
चैत्र मास में शनिवार को शुभ योग में शनिश्चरी अमावस्या का योग 14 साल बाद बन रहा है। इससे पहले चैत्र मास में शनैश्चरी अमावस्या का योग 20 मार्च 2004 को बना था। आगे यह योग 7 साल बाद 29 मार्च 2025 को बनेगा। इस शुभ योग में स्नान, दान और पूजा कई गुना अधिक फलदायी रहेगी। ज्योतिषि पं. अमर डिब्बावाला ने बताया वर्ष 2004 में शनैश्चरी अमावस्या चैत्र मास के दौरान आई थी। अब 2018 में यह योग बना है। अमावस्या शुक्रवार को शाम लगभग 6 बजे लगेगी व शनिवार की शाम लगभग 6.35 बजे तक रहेगी। अमावस्या पर शनि-मंगल की युति के अलावा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र, नाग करण, कुंभ राशि का चंद्रमा सहित कई योग बन रहे है जो अब 7 साल बाद शनि अमावस्या पर बनेंगे।
जानिए क्या करें और क्या न करें इस शुभ योग पर -
शनि अमावस्या के शुभ योग पर साढ़ेसाती और ढय्या वाले लोगों के लिए उपाय -
- काली गाय को बूंदी के लड्डू खिलाएं।
- शनिदेव को तिल के तेल का दीपक लगाएं।
- नदी में नहाएं।
- शनि मंदिर में जाकर तेल का दान करें।
- काली उड़द और लोहे का दान भी दे सकते हैं।
- सरसों के तेल का दान करें।
- अंधविद्यालय, अनाथालय या वृद्धाश्रम में दान करें।
- उड़द की दाल के पकौड़े, काले गुलाबजामुन एवं इमरती कुत्तों और कौओं को खिलाएं।
- अपने वजन के बराबर कच्चा कोयला शनिवार को बहाएं।
अन्य लोगों के लिए खास उपाय -
- सुबह जल्‍दी उठें और सूर्योदय के समय सूर्य को जल चढ़ाएं ।
- पीपल के पेड़ की पूजा करें।
- सूर्योदय के समय पीपल को जल चढ़ाएं और उसकी सात परिक्रमा करें।
- शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल और बेल पत्र चढ़ाएं ।
- गरीब को घर में बैठाकर खाना खिलाएं।
- हनुमानजी की मूर्ति के सामने बैठकर तेल का दीपक लगाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें ।
- मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं।
आगे पढ़ें भूलकर भी क्या न करें शनि अमावस्या पर -
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