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शनि के कारण हुई श्रीदेवी की मृत्यु, ये हैं अचानक मृत्यु से जुड़े कुंडली के कुछ खास योग

जानिए कुंडली के किन योगों की वजह से किसी व्यक्ति की अचानक मृत्यु हो सकती है...

Danik Bhaskar | Feb 25, 2018, 03:46 PM IST

दुबई में बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रीदेवी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी के साथ दुबई में एक शादी में शामिल होने गई थीं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार श्रीदेवी की राशि वृषभ थीं और इस राशि में अभी शनि ढय्या का चल रहा है। शनि की महादशा में शनि का अंतर और प्रत्यंतर राहु का चल रहा था। इस कारण श्रीदेवी की अचानक मृत्यु के योग बन गए। यहां जानिए कुंडली के किन योगों की वजह से किसी व्यक्ति की अचानक मृत्यु हो सकती है...

इस भाव से मालूम होती हैं मृत्यु से जुड़ी बातें

कुंडली के अष्टम (8) भाव से मालूम होता है कि व्यक्ति की उम्र कितनी हो सकती है और उसकी मृत्यु कब, कैसे हो सकती है।

1. अगर किसी की कुंडली के अष्टम भाव का स्वामी द्वादश (12) या षष्ठम (6) भाव में पाप ग्रह से पीड़ित हो ताे व्यक्ति अल्पायु होता है।

2. कुंडली के द्वादश (12) या षष्ठम (6) भाव पर अगर अष्टमेश यानी अष्टम (8) भाव का स्वामी कमजोर और लग्नेश यानी लग्न (1) भाव के स्वामी के साथ हो तो व्यक्ति कम उम्र में ही मृत्यु को प्राप्त हो सकता है।

3. कुंडली में अष्टमेश (अष्टम भाव का स्वामी) स्वस्थान में हो तो लंबी आयु मिलती है। लग्नेश और अष्टमेश दोनों छठे भाव में हों या द्वादश हो तो लंबी आयु मिलती है।

4. कुंडली के दशम, लग्न और अष्टम भाव का स्वामी केंद्र में हो या त्रिकोण या एकादश भाव में हो तो लंबी आयु मिलती है, लेकिन शनि के साथ हो तो आयु कम रहती है।

5. दशमेश (दशम भाव का स्वामी), अष्टमेश, लग्नेश बलवान हो और इनके साथ शनि का योग न हो तो व्यक्ति लंबी आयु पाता है। इनमें से दो ग्रह शुभ हो तो मध्यम आयु मिलती है। अगर एक ग्रह शुभ हो तो व्यक्ति अल्पायु होता है। अगर तीनों ही ग्रह बली न हो तो व्यक्ति की आयु बहुत ही कम होती है।

6. अष्टमेश पाप ग्रह से युति करे, अशुभ भाव में हो तो व्यक्ति अल्पायु होता है। अगर अष्टम भाव का स्वामी शुभ ग्रह से युति करता है, शुभ राशि में हो तो व्यक्ति लंबी उम्र तक जीता है।