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18 मार्च के बाद इन 5 राशियों की बढ़ सकती हैं परेशानियां, वृषभ और कुंभ रहें सावधान

जानिए आपकी राशि के लिए आने वाला समय कैसा रहने वाला है।

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 05:00 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. रविवार, 18 मार्च को गुड़ी पड़वा है। इस तिथि से हिन्दी नववर्ष की शुरुआत होती है। आने वाला नववर्ष कुछ राशियों के लिए परेशानियां लेकर आ रहा है। यहांं जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार 5 ऐसी राशियों के बारे में, जिन्हें सावधान रहने की जरूरत है...

वृषभ राशि (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)

इस राशि पर शनि का ढय्या पूरे वर्ष रहेगा। मन विचलित हो सकता है और छोटी-छोटी बात पर क्रोध आ सकता है। आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। स्वयं के काम को ईमानदारी से करें अन्यथा परेशानियां बढ़ सकती हैं।

क्या करें- किसी गरीब को कंबल या अन्य गर्म कपड़ों का दान करें।

कर्क राशि (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आत्मबल मजबूत रहेगा, लेकिन चिंताएं अधिक होने की संभावना बनी रहेगी। जोखिमपूर्ण काम करने से बचें। विवादों से दूर रहने का प्रयास करें। दिसंबर 2018 से फरवरी 2019 तक व्यय अधिक और आय कम होने के आसार हैं।

क्या करें- किसी गरीब बालक पढ़ाई की सामग्री दान करें।

वृश्चिक राशि (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आरंभ में कठिनाइयां रहेंगी। अक्टूबर में गुरु का आपकी राशि में प्रवेश होगा। समय सब प्रकार से अनुकूल रहेगा। परिवार में वर्चस्व बढ़ेगा और कार्यस्थल पर अनुकूलता बनी रहेगी। नए कार्यों की प्राप्ति भी होगी। किसी बड़े काम की ओर अग्रसर हो सकते हैं। फायनेंस के क्षेत्र में जाने का मन बनेगा।

क्या करें- हर गुरुवार को चने की दाल का दान करें।

कुंभ राशि (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

राशि स्वामी शनि की पूर्ण तृतीय दृष्टि आपकी राशि पर है। वर्षभर तक यह स्थिति बनी रहेगी। धन के मामलों में कमी रहेगी, लेकिन आत्मबल मजबूत रहेगा। सम्मान भी प्राप्त होगा। अपनी सूझबूझ से परेशानियों को दूर करने में कामयाब हो सकते हैं।

क्या करें- पीले वस्त्रों का दान करें।

 

मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)

इस राशि के लिए नीच का बुध, सूर्य, चंद्रमा और उच्च के शुक्र का गोचर रहेगा। इस कारण कुछ परेशानियां बढ़ सकती हैं। निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में कठिनाइयां होंगी। परिवार के अलावा किसी और से मदद नहीं मिल पाएगी।

क्या करें- ब्राह्मण को जनेउ, आसन और गीता का दान करें।