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शनिवार को भूलकर भी न करें ये 6 काम, इससे नाराज हो जाते हैं शनिदेव

हमारे समाज में बहुत ही मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें से कुछ मान्यताएं वारों से भी जुड़ी हैं।

Danik Bhaskar | Dec 29, 2017, 05:00 PM IST
हमारे समाज में बहुत ही मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें से कुछ मान्यताएं वारों से भी जुड़ी हैं। किस दिन कौन सा काम करना अशुभ माना जाता है, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है। 30 दिसंबर को शनि प्रदोष के योग के अवसर पर हम आपको
शनिवार से जुड़ी कुछ ऐसी ही मान्यताओं के बारे में बता रहे हैं। मान्यता है कि शनिवार को कुछ विशेष काम करने से शनिदेव नाराज हो जाते हैं। इन कामों के बारे में जानने के लिए आगे की स्लाइड्स पर क्लिक करें-

शनिदेव के देखने से कटा था श्रीगणेश का सिर
भगवान श्रीगणेश का सिर कटने की कथा हम सभी जानते हैं। उसके अनुसार भगवान शिव ने क्रोधित होकर अपने त्रिशूल से बालक गणेश का सिर काट दिया था और हाथी के बच्चे का सिर लगाकर उन्हें पुनर्जीवित कर दिया था, लेकिन ब्रह्मवैवर्त पुराण में इससे संबंधित एक अन्य कथा भी है जो इस प्रकार है-
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार गणेशजी के जन्म के बाद जब सभी देवी-देवता उनके दर्शन के लिए कैलाश पहुंचे। तब शनिदेव भी वहां पहुंचे, लेकिन उन्होंने बालक गणेश की ओर देखा तक नहीं। माता पार्वती ने इसका कारण पूछा तो शनिदेव ने बताया कि मुझे मेरी पत्नी ने श्राप दिया है कि मैं जिस पर भी दृष्टि डालूंगा, उसका अनिष्ट हो जाएगा। इसलिए मैं इस बालक की ओर नहीं देख रहा हूं। तब माता पार्वती ने शनिदेव से कहा कि यह संपूर्ण सृष्टि तो ईश्वर के अधीन है, बिना उनकी इच्छा से कुछ नहीं होता। अत: तुम भयमुक्त होकर मेरे बालक को देखो और आशीर्वाद दो। माता पार्वती के कहने पर जैसे ही शनिदेव ने बालक गणेश को देखा तो उसी समय उस बालक का सिर धड़ से अलग हो गया। बालक गणेश की यह अवस्था देखकर माता पार्वती विलाप करने लगी। माता पार्वती की यह अवस्था देखकर भगवान विष्णु ने एक हाथी के बच्चे का सिर लाकर बालक गणेश के धड़ से जोड़ दिया और उसे पुनर्जीवित कर दिया।