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स्वस्तिक बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल

स्वस्तिक बनाने से गणेशजी की विशेष कृपा मिलती है।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 05:00 PM IST

किसी भी पूजा-पाठ की शुरुआत में गणेशजी का प्रतीक चिह्न स्वस्तिक बनाया जाता है। स्वस्तिक बनाकर पूजा करने से पूजा सफल होती है और जिन मनोकामनाओं के लिए पूजा की जाती है, वे भगवान पूरी करते हैं। स्वस्तिक का काफी अधिक महत्व बताया गया है, इसे सही तरीके से बनाने पर ही पूजा पूरी होती है। यहां जानिए स्वस्तिक बनाते समय कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखना चाहिए...

1. स्वस्तिक कभी भी आड़ा-टेढ़ा नहीं बनाना चाहिए। ये चिह्न एकदम सीधा और सुंदर बनाना चाहिए।

2. ध्यान रखें घर में कभी भी उल्टा स्वस्तिक नहीं बनाना चाहिए। उल्टा स्वस्तिक मंदिरों में बनाया जाता है। किसी खास मनोकामना के लिए मंदिर में उल्टा स्वस्तिक बनाते हैं।

3. घर में जहां स्वस्तिक बनाना है, वह स्थान एकदम साफ और पवित्र होना चाहिए। जहां स्वस्तिक बनाएं, वहां बिल्कुल भी गंदगी नहीं होनी चाहिए।

4. वैवाहिक जीवन की परेशानियों को दूर करने के लिए पूजा में हल्दी से स्वस्तिक बनाना चाहिए। शेष मनोकामनाओं के लिए कुमकुम से स्वस्तिक बनाना चाहिए।

स्वस्तिक बनाने से मिलते हैं ये फायदे भी

- स्वस्तिक धनात्मक यानी सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। दरवाजे पर स्वस्तिक बनाने से घर में नकारात्मकता प्रवेश नहीं कर पाती है और दैवीय शक्तियां आकर्षित होती हैं।

- दरवाजे पर स्वस्तिक बनाने से वास्तुदोष भी दूर हो सकते हैं।