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गर्दन देखकर जान सकते हैं किसी का भी नेचर, ये हैं खास बातें

समुद्र शास्त्र के अनुसार, मनुष्य के शरीर का हर हिस्सा उसके व्यक्तित्व के बारे में काफी कुछ बताता है।

Danik Bhaskar | Dec 12, 2017, 05:00 PM IST

समुद्र शास्त्र के अनुसार, मनुष्य के शरीर का हर हिस्सा उसके व्यक्तित्व के बारे में काफी कुछ बताता है। अगर किसी व्यक्ति के कुछ विशेष अंगों पर गौर किया जाए तो उसके स्वभाव को आसानी से समझा जा सकता है। गर्दन भी शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
गर्दन शरीर का वह हिस्सा है जिस पर मनुष्य का सिर टिका होता है और मस्तिष्क से निकलकर सभी अंगों में पहुंचने वाली नसें और नाडिय़ां इसी से होकर गुजरती हैं। समुद्र शास्त्र के अनुसार जानिए किस तरह की गर्दन वाले का व्यक्ति का स्वभाव किस प्रकार का होता है।

मोटी गर्दन
जिस इंसान की गर्दन मोटी होती है, प्राय: ऐसे लोगों की नीयत खराब होती है। ऐसे लोग भ्रष्ट चरित्र, शराबी, दु:स्साहसी, क्रोधी, अहंकारी, उन्मादी तथा अधिक आक्रामक होते हैं। इन पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं किया जा सकता।

सीधी गर्दन
समुद्र शास्त्र की माने तो जिन लोगों की गर्दन सीधी होती है, ऐसे लोग स्वाभिमानी होते हैं। साथ ही ये लोग समय के पाबंद, वचनबद्ध एवं सिद्धांतप्रिय होते हैं। इन पर आसानी से विश्वास किया जा सकता है।

लंबी गर्दन
गर्दन सामान्य से अधिक बड़ी हो तो ऐसे लोग बातूनी और चापलूस होते हैं। ये अपने जीवन में हर सुख प्राप्त करते हैं। ऐसे लोग राजनीति में सफलता प्राप्त करते हैं। गलत आदतों के कारण इन्हें अपमान भी झेलना पड़ता है।

छोटी गर्दन
अगर गर्दन सामान्य आकार से छोटी हो तो ऐसे लोग कम बोलने वाले, मेहनती, कंजूस, अविश्वसनीय व घमंडी होते हैं। ऐसे लोगों का फायदा दूसरे लोग उठाते हैं मगर इन्हें इस बात का पता भी नहीं चलता।

सूखी गर्दन
ऐसी गर्दन में मांस कम होता है तथा नसें स्पष्ट दिखाई देती हैं। ऐसे लोग सुस्त, कम महत्वाकांक्षी, सदैव रोगी रहने वाला, आलसी, क्रोधी, विवेकहीन और हर कार्य में असफल होते हैं। ये अपने जीवन से संतुष्ट होते हैं।

आदर्श गर्दन
ऐसी गर्दन पारदर्शी व सुराहीदार होती है, जो आमतौर पर महिलाओं में पाई जाती है। ऐसी गर्दन कलाप्रिय, कोमल, ऐश्वर्य और भोग की परिचायक होती है। ऐसे लोग सुख व वैभव का जीवन जीते हैं।