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कुंडली के अनुसार करेंगे ये उपाय तो जल्दी हो सकता है आपका भाग्योदय

कुंडली की स्थिति के अनुसार उपाय करने से जल्दी शुभ फल मिल सकते हैं।

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 07:25 PM IST

कुंडली में नवम भाव को भाग्य का भाव माना गया है। नवम स्थान पिता का कारक भी होता है। यह भाव तय करता है कि व्यक्ति का भाग्य कैसा रहेगा, कब चमकेगा और कब व्यक्ति को प्रगति के मार्ग पर ले जाएगा। यहां जानिए कोलकाता की एस्ट्रोलॉजर डॉ. दीक्षा राठी के अनुसार नवम भाव के आधार पर भाग्य से जुड़ी खास बातें...

1. कुंडली में नवम भाव का स्वामी अष्टम भाव में हो तो भाग्य भाव से द्वादश होने के कारण और अष्टम भाव अशुभ होने के कारण अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। अत: ऐसे लोग नवम भाव से संबंधित वस्तु को अपने घर की छत पर एक वस्त्र में लपेटकर रखेंगे तो भाग्य का साथ मिल सकता है।

2. नवम भाव का स्वामी षष्टम भाव में हो तो व्यक्ति को अपने शत्रुओं से भी लाभ मिलता है। नवम का स्वामी षष्टम में उच्च का हो तो व्यक्ति कभी कर्जदार नहीं होगा, न ही उसके शत्रु होंगे। ऐसी स्थिति में उसे संबंधित ग्रह का रत्न धारण नहीं करना चाहिए।

3. नवम भाव का स्वामी यदि चतुर्थ भाव में स्वराशि का या उच्च का या मित्र राशि का हो तो व्यक्ति उस ग्रह का रत्न धारण करेगा तो भाग्य में उन्नति होगी। ऐसे लोगों को जनता से संबंधित कार्यों में, राजनीति में, भूमि-भवन के मामलों में सफलता मिलती है।

4. नवम भाव का स्वामी यदि नीच राशि का हो तो उससे संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए। कुंडली के अनुसार कोई भी दान करें, दान बहुत लाभ पहुंचाता है। ज‍बकि नवम का स्वामी स्वराशि या उच्च का हो या नवम भाव में हो तो उस ग्रह से संब‍ंधित वस्तुओं के दान से बचना चाहिए।

5. नवम भाव में गुरु हो तो ऐसे व्यक्ति को धर्म-कर्म में विशेष रुचि होती है। ऐसे लोग पुखराज धारण करें तो यश-प्रतिष्ठा बढ़ती है। पुखराज सही नक्षत्र देखकर पहनना चाहिए। अगर गुरु या शनि के नक्षत्र में या किसी और पाप ग्रह के नक्षत्र में पहनेंगे तो हानि के योग बनते हैं।

6. नवम भाव में स्वराशि का सूर्य या मंगल हो तो ऐसे लोग उच्च पद पर पहुंचते हैं। सूर्य और मंगल जो भी हो, उससे संबंधित रंगों का प्रयोग करेंगे तो भाग्य में वृद्धि होगी।

7. नवम भाव का स्वामी स्वराशि या उच्च का हो और लग्न में शत्रु या नीच राशि का हो तो उसे उस ग्रह का रत्न पहनना चाहिए। तभी राज्य, व्यापार, नौकरी में व्यक्ति सफल होता है।