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अगर होने लगे ये 5 बातें तो समझ लें मंगल के कारण आने वाले है बुरा समय

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या द्वादश भाव में मंगल स्थित है तो ऐसे लोग मंगली माने जाते हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 02, 2018, 05:00 PM IST
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हमारी जन्म कुंडली में नौ ग्रह माने गए हैं। वैसे तो सभी ग्रहों का अपना विशेष महत्व है। सभी ग्रहों का अपना अलग क्षेत्र रहता है और वे उन्हीं क्षेत्रों में हमें शुभ-अशुभ फल प्रदान करते हैं। इन ग्रहों में मंगल का स्थान महत्वपूर्ण माना गया है। मंगल को ग्रहों का सेनापति कहा जाता है। कुंडली में इस ग्रह के अशुभ होने पर दरिद्रता का सामना करना पड़ सकता है। यहां जानिए उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार मंगल से जुड़ी खास बातें...

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली के प्रथम, चतुर्थ, सप्तम या द्वादश भाव में मंगल स्थित है तो ऐसे लोग मंगली माने जाते हैं। इन लोगों पर मंगल ग्रह का अत्यधिक प्रभाव होता है।

मंगल अशुभ होने पर जीवन में होती हैं ये 5 बातें

- अशुभ मंगल से ऋण बढ़ता है।

- भूमि संबंधी कार्यों में नुकसान हो सकता है।

- मकान बनाने में परेशानियां आती हैं।

- शरीर में दर्द रहता है। रक्त संबंधी को बीमारी हो सकती है।

- विवाह में देरी हो सकती है।

भात पूजा से दूर होते हैं मंगल के दोष

अगर आप इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं तो संभव है कि मंगल देव आपसे प्रसन्न नहीं हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए सबसे अच्छा उपाय है मंगल देव की भात पूजा करना। हर मंगलवार मंगल देव के लिए विशेष पूजा-अर्चना कराएं। गरीबों की मदद करें और उन्हें खाना खिलाएं। शिवलिंग पर प्रतिदिन जल चढ़ाएं और ब्राह्मण को दान दें।

मंगल के लिए पूजन सामग्री

लाल मसूर की दाल, लाल वस्त्र, लाल गुलाल, दूध, दही, घी, शक्कर, शहद, पूजन सामग्री, गुड़, गेहूं, सोना, लाल कनेर के फूल। इन सभी चीजों से मंगल की पूजा करनी चाहिए। पूजा से मंगल के दोष कम हो सकते हैं।

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