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अगर आप भी बहुत डरते हैं किसी से तो ये कहानी आपका डर दूर कर देगी

डर सामने आ जाए तो उसका मुकाबला करो

Danik Bhaskar | Feb 14, 2018, 05:00 PM IST

जीवन में मुसीबतों का आना-जाना लगा रहता है। कुछ लोग मुसीबतों से घबराते हैं और इनसे बचने की कोशिश करते हैं। ऐसे में मुसीबत तो दूर नहीं होती, बल्कि परेशानियां और अधिक बढ़ जाती हैं। यहां जानिए स्वामी विवेकानंद से संबंधित एक चर्चित प्रसंग, इस प्रसंग में ये बताया गया है कि जब मुसीबत आ ही जाए तो क्या करना चाहिए...

स्वामी विवेकानन्द मां दुर्गा के मंदिर से निकल रहे थे कि तभी वहां मौजूद बहुत सारे बंदरों ने उन्हें घेर लिया। बंदर स्वामीजी से प्रसाद छिनने लगे और स्वामीजी को डराने लगे। स्वामीजी भी बहुत डर गए और खुद को बचाने के लिए भागने लगे। सभी बंदर भी उनके पीछे-पीछे दौड़ने लगे।

वहीं एक वृद्ध संन्यासी भी थे जो यह सब देख रहे थे। वृद्ध संन्यासी ने स्वामीजी को रोका और कहा- ‘रूको। डरो मत, उनका सामना करो।‘

वृद्ध संन्यासी की बात सुनकर स्वामीजी बंदरों के ओर बढ़ने लगे। जैसे स्वामीजी बंदरों की ओर बढ़ने लगे तो सभी बंदर वहां से भाग गए। उन्होंने वृद्ध संन्यासी को धन्यवाद दिया। स्वामीजी को को इस घटना से गंभीर सीख मिली थी। बहुत समय बाद उन्होंने एक व्याख्यान में इस घटना का जिक्र भी किया और कहा- ‘यदि हम कभी किसी चीज से डरते हैं, तो उससे भागना नहीं चाहिए, पलटकर उसका सामना करना चाहिए।‘

इस बात का ध्यान रखेंगे तो आप भी बड़ी-बड़ी परेशानियों को और डर को दूर कर सकते हैं।

स्वामी विवेकानंद का संक्षिप्त परिचय

स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी,1863 को हुआ था। वे दुनियाभर में प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु के रूप में प्रसिद्ध थे। उनका वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है।