Rashi Aur Nidaan

--Advertisement--

स्त्रियों को भूलकर भी नहीं जाना चाहिए श्मशान में, वरना हो सकता है ऐसा

पुरानी परंपरओं का ध्यान रखने पर हम बहुत सी परेशानियों से बच सकते हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 03, 2018, 05:00 PM IST
old traditions about women in hindi, garun puran and its tips in hindi

हिन्दू परिवारों में जब किसी की मृत्यु होती है तो घर में गरुड़ पुराण का पाठ किया जाता है। ये एक अनिवार्य परंपरा है। इस पुराण में जीवन और मृत्यु के रहस्य बताए गए हैं। साथ ही, इसमें ये भी बताया गया है कि हमें किन कामों को करना चाहिए और किन कामों से बचना चाहिए। किसी की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार के लिए श्मशान तक सभी पुरुष जाते हैं, लेकिन अंतिम क्रिया के लिए श्मशान में महिलाओं का जाना वर्जित है। यहां जानिए महिलाओं के लिए श्मशान में जाना मना क्यों है...

शवयात्रा में जाने से बढ़ता है पुण्य

किसी की शवयात्रा में शामिल होने से पुण्य बढ़ता है, ऐसी मान्यता है। शवयात्रा में शव को कंधा देने पर अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, लेकिन ये पुण्य सिर्फ पुरुषों को मिलता है, महिलाओं को नहीं।

महिलाओं के लिए क्यों मना है श्मशान जाना, ये हैं कारण

- माना जाता है कि श्मशान में नकारात्मक शक्तियों का वास होता है। अगर कोई कमजोर मानसिक स्थिति वाला व्यक्ति वहां जाता है तो ये शक्तियां उस पर हावी हो सकती है। जिससे दिमागी बीमारी होने की संभावनाएं रहती हैं।

- महिलाएं मन से कमजोर होती हैं और बुरी शक्तियां इनकी ओर ज्यादा आकर्षित होती हैं। इस कारण श्मशान जाने पर महिलाओं को मानसिक बीमारी हो सकती है।

- श्मशान में अंतिम संस्कार की क्रिया देखना, शव को जलते देखना महिलाओं के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है।

- इंसान की मृत्यु के बाद शव के आसपास नकारात्मकता बढ़ जाती है। सूक्ष्म कीटाणु बढ़ने लगते हैं, जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।

- श्मशान में जब शव जलाते हैं तब जो धुआं उठता है उसमें भी हानिकारक सूक्ष्म कीटाणु रहते हैं, धुएं साथ ये श्मशान में फैल जाते हैं और वहां मौजूद लोगों के शरीर पर चिपक जाते हैं। इसी वजह से शवयात्रा से लौटकर नहाना जरूरी होता है।

X
old traditions about women in hindi, garun puran and its tips in hindi
Click to listen..