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आज राशि अनुसार कर लेंगे ये उपाय तो दूर हो सकता है आपका बुरा समय

ज्योतिष के अनुसार शिवजी की पूजा से कुंडली के सभी बुरे योगों का असर खत्म हो सकता है।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 05:00 PM IST

शिवरात्रि पर यहां बताए जा रहे राशि अनुसार उपाय करने से आपकी कुंडली के ग्रह दोष खत्म हो सकते हैं। कुंडली के दोषों की वजह से बुरे समय का सामना करना पड़ता है। शिवजी की पूजा से बुरा समय दूर हो सकती है और घर में सुख-समृद्धि बढ़ सकती है। जानिए शिवजी के राशि अनुसार उपाय...

मेष- इस राशि के स्वामी मंगल का पूजन शिवलिंग रूप में ही किया जाता है। शिवलिंग पर कच्चा दूध एवं दही अर्पित करें। धतुरा चढ़ाएं। दीपक जलाकर भगवान की आरती करें।

वृष- किसी भी शिव मंदिर जाएं और भगवान शिव को गन्ने के रस से स्नान करवाएं। इसके बाद मोगरे के फूल चढ़ाएं। अंत में भगवान को मिठाई का भोग लगाएं एवं आरती करें।

मिथुन- स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करेंगे तो श्रेष्ठ रहेगा। इस राशि के लोग लाल गुलाल, कुमकुम, चंदन, ईत्र आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें। आंकड़े के फूल अर्पित करें।

कर्क- अष्टगंध और चंदन से शिवजी का अभिषेक करें। बैर एवं आटे से बनी रोटी का भोग लगाकर पूजन करें। शिवरात्रि से शुरू करके शिवलिंग पर रोज कच्चा दूध और जल चढ़ाएं।

सिंह- इस राशि के लोगों को अलग-अलग तरह के फलों के रस और पानी में शकर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। आंकड़े के फूल चढ़ाएं, मिठाई का भोग लगाएं।

कन्या- आप महादेव को बैर, धतुरा, भांग और आंकड़े के फूल चढ़ाएं। बिल्व पत्र पर रखकर प्रसाद अर्पित करें। अंत में कर्पूर मिश्रित जल से अभिषेक करें। आधी परिक्रमा करें।

तुला- जल में अलग-अलग फूल डालकर शिवजी का अभिषेक करें। इसके बाद बिल्व पत्र, मोगरा, गुलाब, चावल, चंदन आदि भोलेनाथ को अर्पित करें। अंत में आरती करें।

वृश्चिक- इन लोगों को शुद्ध जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। शहद, घी से स्नान कराने के बाद जल से स्नान कराएं, आरती करें। फूल चढ़ाएं। मसूर की दाल दान करें।

धनु- भात यानी चावल से शिवलिंग का श्रृंगार करें। पहले चावल को पका लें, इसके बाद पके हुए चावल को ठंडा करके शिवलिंग का श्रृंगार करें। सुखे मेवे का भोग लगाएं।

मकर- आप गेंहू से शिवलिंग को ढंककर, विधिवत पूजा करें। आरती होने के बाद गेंहू का दान जरूरतमंद लोगों को करें। इस उपाय से सभी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।

कुंभ- जल में तिल डालकर शिवलिंग को स्नान कराएं। सफेद और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर चढाएं। बिल्व पत्र, गुलाब आदि फूल अर्पित करें। इसके आद आरती करें।

मीन- पीपल के नीचे बैठकर शिवजी की पूजा करें। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का 108 बार उच्चारण करें और बिल्व पत्र चढ़ाएं। आरती करें। शिवलिंग पर चने की दाल चढ़ाएं।