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घर बनवाते समय नींव में डालें ये 1 चीज, दूर होगा हर दोष

हर इंसान की चाहत होती है कि उसका एक छोटा ही सही मगर अपना घर हो, जहां वो अपने परिवार के साथ खुशी से रह सके। हिंदू धर्म मे

Danik Bhaskar | Mar 11, 2018, 05:00 PM IST

हर इंसान की चाहत होती है कि उसका एक छोटा ही सही मगर अपना घर हो, जहां वो अपने परिवार के साथ खुशी से रह सके। हिंदू धर्म में घर बनवाने से पहले भूमि पूजा की परंपरा है।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रफुल्ल भट्ट के अनुसार, नए घर का भूमि पूजन करते समय नींव में कुछ चीजें डाली जाती हैं। इनमें चांदी के नाग-नागिन को जोड़ा प्रमुख है। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से घर का निर्माण बिना किसी रुकावट के हो जाता है और उस भूमि पर यदि कोई दोष है तो वह भी दूर हो जाता है। पौराणिक ग्रंथों में शेषनाग के फन पर पृथ्वी टिकी होने का उल्लेख मिलता है-

शेषं चाकल्पयद्देवमनन्तं विश्वरूपिणम्।
यो धारयति भूतानि धरां चेमां सपर्वताम्।।

अर्थ- परमदेव ने विश्वरूप अनंत नामक देवस्वरूप शेषनाग को पैदा किया, जो पहाड़ों सहित सारी पृथ्वी को धारण किए हैं।

नागों के राजा हैं शेषनाग
ग्रंथों के अनुसार, हजार फनों वाले शेषनाग सभी नागों के राजा हैं। भगवान की शय्या बनकर सुख पहुंचाने वाले, उनके अनन्य भक्त हैं। बहुत बार भगवान के साथ-साथ अवतार लेकर उनकी लीला में भी साथ होते हैं। श्रीमद्भागवत के 10 वे अध्याय के 29 वें श्लोक में भगवान कृष्ण ने कहा है- अनन्तश्चास्मि नागानां यानी- मैं नागों में शेषनाग हूं।

नींव में क्यों डालते हैं चांदी के नाग-नागिन?
भूमि पूजन का पूरा कर्मकांड इस मनोवैज्ञानिक विश्वास पर आधारित है कि जैसे शेषनाग अपने फन पर पूरी पृथ्वी को धारण किए हुए हैं, ठीक उसी तरह मेरे इस घर की नींव भी प्रतिष्ठित किए हुए चांदी के नाग के फन पर पूरी मजबूती के साथ स्थापित रहे। शेषनाग क्षीरसागर में रहते हैं। इसलिए पूजन के कलश में दूध, दही, घी डालकर मंत्रों से आह्वान कर शेषनाग को बुलाया जाता है, ताकि वे घर की रक्षा करें।