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पूजा के लिए कौन सी धातु है शुभ और किस धातु से बढ़ता है दुर्भाग्य

पूजा में शुभ धातु का प्रयोग करने पर पूजा जल्दी सफल होती है।

Danik Bhaskar | Jan 27, 2018, 05:00 PM IST

भगवान की पूजा एक ऐसा उपाय है जिससे जीवन की बड़ी-बड़ी समस्याएं हल हो जाती हैं। पूजा-पाठ में कई प्रकार के बर्तनों का भी उपयोग किया जाता है। ये बर्तन किस धातु के होने चाहिए और कौन सी धातु नहीं, इस संबंध में कई नियम बताए गए हैं। जिन धातुओं को पूजा वर्जित किया गया है उनका उपयोग पूजा में नहीं करना चाहिए। अन्यथा धर्म कर्म का पूरा पुण्य फल प्राप्त नहीं हो पाता है, बल्कि दुर्भाग्य में बढ़ोतरी हो सकती है, परेशानियां बढ़ सकती हैं। जानिए पूजा के लिए कौन-कौन सी धातुएं हैं शुभ और कौन सी हैं अशुभ...

ये हैं शुभ धातुएं

पूजा में बर्तनों का भी काफी गहरा महत्व है। शास्त्रों के अनुसार अलग-अलग धातु अलग-अलग फल देती है। इसके पीछे धार्मिक कारण के साथ ही वैज्ञानिक कारण भी है। सोना, चांदी, पीतल, तांबे की बर्तनों का उपयोग पूजा के लिए शुभ माना गया है। मान्यता है कि इन धातुओं से पूजा करने पर देवी-देवता जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं।

ये हैं अशुभ धातुएं

पूजा और धार्मिक क्रियाओं में लोहा, स्टील और एल्युमीनियम को अपवित्र धातु माना गया है। इसीलिए इन धातुओं की मूर्तियां भी नहीं बनाई जाती और इनके बर्तनों का उपयोग पूजा नहीं किया जाता है।

लोहे में हवा, पानी से जंग लग जाता है। एल्युमीनियम से भी कालिख निकलती है। पूजा में कई बार मूर्तियों को हाथों से स्नान कराया जाता है, उस समय इन मूर्तियों रगड़ा भी जाता है। ऐसे में लोहे और एल्युमीनियम से निकलने वाली जंग और कालिख का हमारी त्वचा पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए लोहा, एल्युमीनियम को पूजा में वर्जित किया गया है।

पूजा में सोने, चांदी, पीतल, तांबे के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए। इन धातुओं को रगड़ना हमारी त्वचा के लिए लाभदायक रहता है। आयुर्वेद के अनुसार इन धातुओं के लगातार संपर्क में रहने से कई बीमारियों में राहत मिल सकती है।