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प्रेरक कथा- जब शेर का एक बच्चा शामिल हो गया भेड़ों के झुंड में

एक पुरानी कहानी है। एक शेर का बच्चा अपने माता-पिता से बिछड़ गया और भेड़ों के झुंड में शामिल हो गया।

Danik Bhaskar | Nov 19, 2017, 05:00 PM IST

सारे व्यावसायिक प्रयास कुल मिलाकर धन के आसपास ही केंद्रित रहते हैं। यह धन कमाने का दौर है। धन संबंधी कार्यों में तीन बातों को शामिल करना चाहिए, ये तीन बातें हैं- योग्यता, परिश्रम और ईमानदारी। इन तीनों बातों का ध्यान जो लोग रखते हैं, वे किसी भी काम में, किसी भी संस्था में सफल और कुशल प्रबंधक हो सकते हैं। जिस प्रकार जंगल में शेर के पास नेतृत्व की यानी राजा बनने की क्षमता होती है, ठीक वही क्षमता ये तीन गुण भी प्रदान करते हैं।

इस कहानी से समझ सकते हैं इन बातों का महत्व
एक पुरानी कहानी है। एक शेर का बच्चा अपने माता-पिता से बिछड़ गया और भेड़ों के झुंड में शामिल हो गया। उनके साथ रहकर उसकी चाल-ढाल, रंग-ढंग सब बदल गए। कुछ समय बाद किसी शेर ने भेड़ों के उस झुंड पर हमला किया। भेड़ें भागीं तो शेर का बच्चा भी भागा। हमलावार शेर ने शेर के बच्चे को देखा तो उसने भेड़ों को छोड़ा और उस शेर के बच्चे को पकड़ा। शेर ने उस छोटे शेर को पानी में चेहरा दिखाया और कहा- तू मेरे जैसा है। तू शेर है, सबसे अलग, सबसे ऊपर।

हमारे साथ ऐसा ही होना चाहिए। ये तीनों बातें हमें आईना दिखाती हैं कि हमें योग्यता, परिश्रम और ईमानदारी से धन कमाना है। संस्थानों में अनेक लोगों की भीड़ होती है, लेकिन हमें सबसे अलग रहना है। जो धन हम कमा रहे हैं, वह तभी शुद्ध होगा और हमें अपनी सफलता के साथ शांति भी देगा।

शास्त्रों में लिखा है-

सर्वेषामेव शौचानामर्थशौचं पर स्मृतम्।

योर्थै शुचिहिं स शुचिर्न मृद्वारिशुचि: शुचि:।।

इस श्लोक का अर्थ यह है कि- सभी शुद्धियों में धन की शुद्धि सर्वोपरि है। वास्तव में वही शुद्ध है जो धन से शुद्ध है। जल और मिट्टी की शुद्धि, कोई शुद्धि नहीं है। धन कमाने के मामले में हमारे ये तीनों गुण, हमें बार-बार सामान्य लोगों की भीड़ से अलग और विशिष्ट बनाएंगे।

अब अपने व्यक्तित्व के तेज से प्रकाश फैलाने का वक्त है। किसी भी संस्थान में इंसानों का ढेर होगा। उसमें यदि पूरे और सलामत आप दिखना चाहें तो लगातार अपने इन तीनों गुणों पर टिके रहिए। साथ ही, योग-प्राणायाम को भी थोड़ा समय जरूर दीजिए।