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लोहे की अंगूठी में ये रत्न पहनेंगे तो धन के साथ मिल सकती है प्रसिद्धि

जब किसी व्यक्ति की कुंडली में या राशि में शनि अशुभ फल दे रहा हो तो शनि के रत्न को धारण करने से शुभ फल मिल सकते हैं।

Danik Bhaskar | Nov 20, 2017, 05:16 PM IST

शनि ग्रह का रत्न नीलम है। इसे नील, नीलमणि व हिन्दी में नीलम और इंग्लिश में सैफायर कहते हैं। कुंडली में मकर या तुला राशि में शनि हो तो व्यक्ति धनी और सुखी रहता है। यदि कुंडली के प्रथम भाव में शनि हो तो व्यक्ति के जीवन में धन की कमी रहती है। शनि के अशुभ फल दूर करने के लिए नीलम धारण करना चाहिए।

नीलम धारण विधि

नीलम 3, 5, 7, 9 या 12 रत्ती का लोहे अथवा सोने की अंगूठी में जड़वाकर शुक्ल पक्ष के शनिवार को पुष्प, उभा, चित्रा, धनिष्ठा या शतभिषा नक्षत्र में धारण करना चाहिए। ध्यान रखें किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से अपनी कुंडली अध्ययन करवाने के बाद ही नीलम धारण करना चाहिए।

नीलम धारण करने के लाभ

नीलम धारण करने से धन, यश, प्रसिद्धि, जॉब, व्यवसाय और वंश में वृद्धि होती है। औषधि के रूप में नीलम से दमा, क्षय, कुष्ठ रोग, खांसी, नेत्र रोग, मस्तिष्क के विकारों में भी लाभ होता है।