• Reactions On Changes In Pocso Act
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पॉक्सो एक्ट में बदलाव पर सोशल मीडिया में आए ऐसे कमेंट्स, यूजर बोले, भेदभाव क्यों

मोदी जी...रेप तो रेप होता है, फिर बच्ची से हो या लड़की से, सजा में इतना भेदभाव क्यों ?

Danik Bhaskar | Apr 21, 2018, 09:46 PM IST

न्यूज डेस्क। मोदी सरकार ने यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्‍सो एक्‍ट) में होने वाले संशोधनों पर अपनी मुहर लगा दी। कैबिनेट ने पॉक्सो एक्ट में बदलाव के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी। नए संशोधनों के लागू होने के बाद 12 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ रेप करने पर आरोपी को मौत की सजा सुनाई जा सकेगी लेकिन महिला के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 7 से 10 साल करने का निर्णय लिया गया। इसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा। सोशल मीडिया पर इसे लेकर यूजर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि रेप तो रेप होता है फिर सजा में इतना भेदभाव क्यों?

अध्यादेश में क्या बदलाव होंगे...


> महिला के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 7 से 10 साल करने का निर्णय लिया गया। इसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा।

> 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ रेप करने पर मिनिमम पनिशमेंट 10 से 20 साल। इसे भी आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा।

> 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप पर उम्रकैद की सजा हो सकेगी।


> 12 साल से उम्र की लड़की के साथ रेप करने पर कम से कम 20 साल सजा, आजीवन कारावास और मौत की सजा संभव।


> 12 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप होने पर आजीवन कारावास के साथ मौत की सजा।

सोशल मीडिया पर यूजर ने क्या कहा....

> सुमिता कनोजिया ने लिखा है कि, 'रेप तो रेप होता है फिर वो 5 साल की लड़की का हो या 18-20 साल की लड़की का, सजा फांसी ही हो। और कम टाइम में...'

> शिवानी ठाकुर ने लिखा है कि, 'रेप तो रेप होता है क्या 16 साल की लड़की क्या 12 साल की। इन रेपिस्ट की सजा की एक जैसी सजा होना चाहिए। वो भी खतरनाक'।

> अल्का श्रीवास्तव ने लिखा है कि 'सजा सिर्फ फांसी होना चाहिए, चाहे वो 12 साल की लड़की हो या 52 साल की लेडी हो। सबकी इज्जत समान होती है'।

(तमाम यूजर्स ने ऐसे कमेंट्स फेसबुक पर किए हैं)

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