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अगर कोई आपका अपमान करता है तो जरूर करें ये एक काम

जानिए किस प्रकार बुद्ध ने अपने क्रोधित शिष्य को शांत किया।

Danik Bhaskar | Feb 26, 2018, 05:00 PM IST

आज के समय में कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें घर-परिवार या समाज में अपमानित होना पड़ता है। अपमान सहन कर पाना बहुत मुश्किल है, इस कारण लोग अपमान का बदला लेने के लिए कोशिश करते रहते हैं। यहां जानिए अपमान से जुड़ा गौतम बुद्ध का एक चर्चित प्रसंग, जिसमें उनके शिष्य का किसी ने अपमान कर दिया था और शिष्य क्रोधित था। किस प्रकार गौतम बुद्ध ने क्रोधित शिष्य को शांत किया...

ये है प्रसंग

एक शाम महात्मा बुद्ध बैठे हुए थे। वे डूबते सूर्य को एकटक देख रहे थे।

तभी उनका शिष्य आया और गुस्से में बोला- गुरुजी रामजी नाम के जमींदार ने मेरा अपमान किया है। आप तुरंत चलें, उसे उसकी मूर्खता का सबक सिखाना होगा।

महात्मा बुद्ध मुस्कुराकर बोले- प्रिय तुम बौद्ध हो, सच्चे बौद्ध का अपमान करने की शक्ति किसी में नहीं होती। तुम इस प्रसंग को भुलाने की कोशिश करो।

जब प्रसंग को भूला दोगे, तो अपमान कहां बचेगा।

शिष्य बोला- लेकिन तथागत, उस धूर्त ने आपके प्रति भी अपशब्दों का उपयोग किया है। आपको चलना ही होगा। आपको देखते ही वह अवश्य शर्मिंदा हो जाएगा और अपने किए की क्षमा मांगेगा। बस, मैं संतुष्ट हो जाऊंंगा।

बुद्ध समझ गए शिष्य बदला लेना चाहता है

महात्मा बुद्ध समझ गए कि शिष्य में बदले की भावना प्रबल हो उठी है। अभी इसे उपदेश देने का लाभ नहीं है।

कुछ विचार करते हुए बुद्ध बोले- अच्छा वत्स यदि ऐसी बात है तो मैं अवश्य ही रामजी के पास चलूंगा और उसे समझाने की पूरी कोशिश करूंगा। बुद्ध ने कहा, हम सुबह चलेंगे।