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ये कहानी पढ़ेंगे तो आप भी मानेंगे मां ही होती है बच्चे की सबसे अच्छी शिक्षक

जानिए एक ऐसा चर्चित प्रेरक प्रसंग, जिससे हम ये समझ सकते हैं कि बच्चे के लिए उसकी मां ही सबसे अच्छी शिक्षक होती है।

Danik Bhaskar | Feb 21, 2018, 05:00 PM IST

दुनिया के सबसे महान वैज्ञानिकों में से एक थॉमस अल्वा एडिसन बहुत ही मेहनती इंसान थे। थॉमस एडिसन का जन्म 11 फरवरी 1847 को हुआ था और मृत्यु 18 अक्टूबर 1931 को हुई थी। उन्होंने कई आविष्कार किए, जिसमें से सबसे खास है बल्ब का आविष्कार। यहां जानिए थॉमस का एक ऐसा चर्चित प्रेरक प्रसंग, जिससे हम ये समझ सकते हैं कि बच्चे के लिए उसकी मां ही सबसे अच्छी शिक्षक होती है।

ये है प्रेरक प्रसंग

एक बार बचपन में थॉमस एडिशन स्कूल से घर पहुंचा और अपनी मां को एक कागज दिया...

थॉमस ने मां से कहा, 'मेरी टीचर ने ये लेटर दिया है। कहा है कि सिर्फ मां ही इसे पढ़ें। मां, इसमें क्या लिखा है?'

लेटर पढ़ते हुए मां की आंखों से आंसू आ गए। बेटे के सामने मां लेटर जोर-जोर से पढ़ने लगी...

लेटर में लिखा था, 'आपका बेटा जीनियस है। हमारा स्कूल बहुत छोटा है। हमारे पास थॉमस को पढ़ाने लायक अच्छे टीचर भी नहीं हैं। कृपया आप इसे खुद पढ़ाएं।'

उस दिन के बाद से जिंदा रहने तक मां ने थॉमस को खुद ही पढ़ाया। मां की डेथ के कई साल बाद थॉमस एडिशन दुनिया का महानतम आविष्कारक बन गया।

मां की डेथ के बाद एक दिन थॉमस को टीचर का वो लेटर मिला। उसने लेटर खोला तो हैरान रह गया।

लेटर में लिखा था, 'आपका बेटा दिमागी तौर पर कमजोर है। हम उसे नहीं पढ़ा सकते। हम उसे स्कूल से निकाल रहे हैं।'

लेटर में लिखी सच्चाई पढ़कर थॉमस इमोश्नल हो गया। फिर उसने अपनी डायरी में लिखा, 'Thomas A. Edison जो दिमागी तौर पर कमजोर बच्चा था, उसकी मां ने उसे इस सेंचुरी का सबसे जीनियस इंसान बना दिया।'