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  • Hanuman Jayanti 2018, Hanuman worship, dronagiri villege, sanjivini parvat
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इस गांव में नहीं होती है हनुमानजी की पूजा, लाल झंडा लगाने पर भी है पाबंदी

हनुमानजी हिंदू धर्म में सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले देवताओं में से एक हैैं।

Dainik Bhaskar

Mar 30, 2018, 05:00 PM IST
Hanuman Jayanti 2018,  Hanuman worship, dronagiri villege, sanjivini parvat

यूटिलिटी डेस्क. हनुमानजी हिंदू धर्म में सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले देवताओं में से एक हैैं। इसलिए इन्हें कलयुग का जीवंत देवता भी माना जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, हनुमानजी की पूजा से हर समस्या का समाधान संभव है। लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि भारत में एक गांव ऐसा भी है, जहां हनुमानजी की पूजा करने पर पाबंदी है। हनुमान जयंती (31 मार्च, शनिवार) के मौके हम आपको एक ऐसे ही गांव के बारे में बता रहे हैं।

यहां वर्जित है हनुमानजी की पूजा करना
उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के जोशीमठ प्रखण्ड में जोशीमठ नीति मार्ग पर स्थित है द्रोणागिरी गांव। यह गांव लगभग 14000 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां के लोगों का मानना है कि जब रावण के पुत्र मेघनाद ने लक्ष्मण को घायल कर दिया था। उस समय उनके प्राण बचाने के लिए हनुमान जिस पर्वत को उठाकर लंका ले गए थे, वह पर्वत इसी गांव में स्थित था। चूंकि द्रोणागिरी के लोग उस पर्वत की पूजा करते थे, इसलिए वे हनुमानजी द्वारा पर्वत उठा ले जाने से नाराज हो गए। यही कारण है कि आज भी यहां हनुमानजी की पूजा नहीं होती। यहां तक कि इस गांव में लाल रंग का झंडा लगाने पर पाबंदी है।


यहां स्थित है संजीवनी बूटी वाला पर्वत
श्रीलंका के सुदूर इलाके में श्रीपद नाम का एक पहाड़ है। मान्यता है कि यह वही पर्वत है, जिसे हनुमानजी संजीवनी बूटी के लिए उठाकर लंका ले गए थे। इस पर्वत को एडम्स पीक भी कहते हैं। यह पर्वत लगभग 2200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। श्रीलंकाई लोग इसे रहुमाशाला कांडा कहते हैं। इस पहाड़ पर एक मंदिर भी बना है।

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