Tirth Darshan

  • Hanuman Jayanti 2018, mehandipur balaji temples, Hanuman temples
--Advertisement--

हनुमान जयंती 2018: मुगलों ने कई बार की इस हनुमान मंदिर को तोड़ने की कोशिश, नहीं हो पाए सफल

भारत में हनुमानजी के अनेक चमत्कारी मंदिर हैं। ऐसा ही एक मंदिर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है।

Dainik Bhaskar

Mar 31, 2018, 12:51 PM IST
चित्र: मेहंदीपुर बालाजी की प्रतिमा चित्र: मेहंदीपुर बालाजी की प्रतिमा

यूटिलिटी डेस्क. भारत में हनुमानजी के अनेक चमत्कारी मंदिर हैं। ऐसा ही एक मंदिर राजस्थान के दौसा जिले में स्थित है। इसे मेहंदीपुर बालाजी मंदिर कहते हैं। यह मंदिर जयपुर-बांदीकुई-बस मार्ग पर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर है। दो पहाड़ियों के बीच की घाटी में स्थित होने के कारण इसे घाटा मेहंदीपुर भी कहते हैं।

हजारों साल पुराना है मंदिर
गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित हनुमान अंक के अनुसार, ये मंदिर करीब 1 हजार साल पुराना है। यहां पर एक बहुत विशाल चट्टान में हनुमान जी की आकृति स्वयं ही उभर आई थी। इसे ही श्री हनुमानजी का स्वरूप माना जाता है। इनके चरणों में छोटी सी कुण्डी है, जिसका जल कभी समाप्त नहीं होता। यह मंदिर तथा यहाँ के हनुमानजी की मूर्ति काफी शक्तिशाली एवं चमत्कारिक मानी जाती है। इसी वजह से यह स्थान न केवल राजस्थान में बल्कि पूरे देश में विख्यात है। कहा जाता है कि मुगल साम्राज्य में इस मंदिर को तोडऩे के अनेक प्रयास हुए परंतु चमत्कारी रूप से यह मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ।


भूत-प्रेत कर देते हैं समर्पण
मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां ऊपरी बाधाओं के निवारण के लिए आने वालों का तांता लगा रहता है। मंदिर की सीमा में प्रवेश करते ही ऊपरी हवा से पीडि़त व्यक्ति स्वयं ही झूमने लगते हैं और लोहे की सांकलों से स्वयं को ही मारने लगते हैं। मार से तंग आकर भूत प्रेतादि स्वत: ही बालाजी के चरणों में आत्मसमर्पण कर देते हैं।


कैसे पहुंचें-
मेहंदीपुर से सबसे नजदीक जयपुर शहर है। यहां के लिए हर प्रमुख शहर से ट्रेन आसानी से मिल जाती है। सड़क मार्ग से जाने के लिए भी जयपुर से साधन उपलब्ध हैं। मंदिर के सबसे नजदीक जयपुर हवाई अड्डा है।
चित्र: मेहंदीपुर बालाजी की प्रतिमा चित्र: मेहंदीपुर बालाजी की प्रतिमा
X
चित्र: मेहंदीपुर बालाजी की प्रतिमाचित्र: मेहंदीपुर बालाजी की प्रतिमा
चित्र: मेहंदीपुर बालाजी की प्रतिमाचित्र: मेहंदीपुर बालाजी की प्रतिमा
Click to listen..