• Himachals Yamraj temple is the first stop of every soul
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मरने के बाद सबसे पहले इस मंदिर में पहुंचती है आत्मा, यमराज करते हैं फैसला

क्या आप जानते हैं: मरने के बाद सबसे पहले इसी मंदिर में पहुंतची है मनुष्य की आत्मा

Danik Bhaskar | Feb 12, 2018, 05:00 PM IST

यमराज का एक अनोखा मंदिर हिमाचल के चम्बा जिले में भरमौर नाम जगह पर स्थित है। ये मंदिर एक भवन की तरह दिखाई देता है। ग्रंथों के अनुसार, मनुष्यों के क्रमों को विधाता लिखते हैं, चित्रगुप्त बांचते हैं, मृत्यु के बाद यमदूत मनुष्य की आत्मा को पकड़कर लाते हैं और यमराज दंड देते हैं।

खाली कमरे में विराजित है यमराज

इस जगह को लेकर मान्यता है कि यहीं पर जगह है जहां पर यमराज व्यक्ति के कर्मों का फैसला करते हैं। यह मंदिर देखने में एक घर की तरह दिखाई देता है, जहां एक खाली कमरा मौजूद है। मान्यता है इस कमरे में ही भगवान यमराज विराजमान हैं। यहां पर औकर कमरा है, जिसे चित्रगुप्त का कक्ष कहा जाता है।

यहां यमराज सुनाते हैं अपना फैसला

मान्यता अनुसार जब किसी प्राणी की मृत्यु होती है तब यमराज के दूत उस व्यक्ति की आत्मा को पकड़कर सबसे पहले इस मंदिर में चित्रगुप्त के सामने प्रस्तुत करते हैं। चित्रगुप्त जीवात्मा को उनके कर्मो का पूरा ब्योरा सुनाते हैं। इसके बाद चित्रगुप्त के सामने के कक्ष में आत्मा को ले जाया जाता है। इस कमरे को यमराज की कचहरी कहा जाता है। यहां पर यमराज कर्मों के अनुसार आत्मा को अपना फैसला सुनाते हैं।

मंदिर में है चार अदृश्य दरवाजे

माना जाता है कि इस मंदिर में चार अदृश्य द्वार हैं जो स्वर्ण, रजत, तांबा और लोहे के बने हैं। यमराज का फैसला आने के बाद यमदूत आत्मा को कर्मों के अनुसार इन्हीं द्वारों से स्वर्ग या नर्क में ले जाते हैं। गरुड़ पुराण में भी यमराज के दरबार में चार दिशाओं में चार द्वार का उल्लेख किया गया है।

आगे देखें यमराज मंदिर की कुछ खास तस्वीरें...