• history and story of uchi pillayar temple in hindi
विज्ञापन

अद्भुत है ये गणेश मूर्ति, आज भी सिर पर दिखाई देता है सालों पुरानी चोट का निशान / अद्भुत है ये गणेश मूर्ति, आज भी सिर पर दिखाई देता है सालों पुरानी चोट का निशान

यूटीलिटी डेस्क

Feb 23, 2018, 06:00 PM IST

रावण के भाई ने किया था श्रीगणेश पर वार, देखी जा सकती है निशानी

ऊंची पिल्लयार मंदिर ऊंची पिल्लयार मंदिर
  • comment

भगवान गणेश का उच्ची पिल्लयार मंदिर तमिलनाडू के तिरुचिरापल्ली (त्रिचि) नामक स्थान पर रॉक फोर्ट पहाड़ी की चोटी पर बसा हुआ है। यह मंदिर लगभग 273 फुट की ऊंचाई पर है और मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 400 सिढ़ियों की चढ़ाई करनी पड़ती है।

पहाड़ों पर होने की वजह से यहां का नजारा बहुत ही सुंदर और देखने योग्य होता है। सुंदरता के साथ-साथ यहां की एक और खासियत इस मंदिर से जुड़ी कहानी भी है। यहां प्रचलित मान्यताओं के अनुसार है इस मंदिर की कहानी रावण के भाई विभीषण से जुड़ी है।

मंदिर से जुड़ा इतिहास

यहां पर कथा प्रचलित है कि रावण का वध करने के बाद भगवान राम ने अपने भक्त और रावण के भाई विभीषण को भगवान विष्णु के ही एक रूप रंगनाथ की मूर्ति प्रदान की थी। विभीषण वह मूर्ति लेकर लंका जाने वाला था। वह राक्षस कुल का था, इसलिए सभी देवता नहीं चाहते थे कि मूर्ति विभीषण के साथ लंका जाए। सभी देवताओं ने भगवान गणेश से सहायता करने की प्रार्थना की। उस मूर्ति को लेकर यह मान्यता थी कि उन्हें जिस जगह पर रख दिया जाएगा, वह हमेशा के लिए उसी जगह पर स्थापित हो जाएगी। चलते-चलते जब विभीषण त्रिचि पहुंच गया तो वहां पर कावेरी नदी को देखकर उसमें स्नान करने का विचार उसके मन में आया। वह मूर्ति संभालने के लिए किसी को खोजने लगा।

तभी उस जगह पर भगवान गणेश एक बालक का रूप में आए। विभीषण ने बालक को भगवान रंगनाथ की मूर्ति पकड़ा दी और उसे जमीन पर न रखने की प्रार्थना की। विभीषण के जाने पर गणेशजी ने उस मूर्ति को जमीन पर रख दिया। जब विभीषण वापस आया तो उसने मूर्ति जमीन पर रखी पाई। उसने मूर्ति को उठाने की बहुत कोशिश की लेकिन उठा न पाया। ऐसा होने पर उसे बहुत क्रोध आया और उस बालक की खोज करने लगा। भगवान गणेश भागते हुए पर्वत के शिखर पर पहुंच गए, आगे रास्ता न होने पर भगवान गणेश उसी स्थान पर बैठ गए।

जब विभीषण ने उस बालक को देखा तो क्रोध में उसके सिर पर वार कर दिया। ऐसा होने पर भगवान गणेश ने उसे अपने असली रूप के दर्शन दिए। भगवान गणेश के वास्तविक रूप को देखकर विभीषण ने उनसे क्षमा मांगी और वहां से चले गए। तब से भगवान गणेश उसी पर्वत की चोटी पर ऊंची पिल्लयार के रूप में स्थित है।

आज भी भगवान गणेश के सिर पर चोट का निशान

यहां मान्यता है कि विभीषण ने भगवान गणेश के सिर पर जो वार किया था, उस चोट का निशान आज भी इस मंदिर में मौजूद भगवान गणेश की प्रतिमा के सिर पर देखा जा सकता है।

तिरुचिरापल्ली का प्राचीन नाम था थिरिसिरपुरम

तिरुचिरापल्ली पहले थिरिसिरपुरम के नाम से जाना जाता था। थिरिसिरन नाम के राक्षस ने इस जगह पर भगवान शिव की तपस्या की थी, इसी वजह से इसका नाम थिरिसिरपुरम रखा गया था। साथ ही इस पर्वत की तीन चोटियों पर तीन देवों पहले भगवान शिव, दूसरी माता पार्वती और तीसरे गणेश (ऊंची पिल्लयार ) स्थित है, जिसकी वजह से इसे थिरि-सिकरपुरम कहा जाता है। बाद में थिरि-सिकरपुरम को बदल कर थिरिसिरपुरम कर दिया गया।

आगे देखें मंदिर की कुछ तस्वीरें...

ऊंची पिल्लयार मंदिर ऊंची पिल्लयार मंदिर
  • comment
ऊंची पिल्लयार मंदिर में स्थापित श्रीगणेश की प्रतीकात्मक तस्वीर ऊंची पिल्लयार मंदिर में स्थापित श्रीगणेश की प्रतीकात्मक तस्वीर
  • comment
ऊंची पिल्लयार मंदिर ऊंची पिल्लयार मंदिर
  • comment
X
ऊंची पिल्लयार मंदिरऊंची पिल्लयार मंदिर
ऊंची पिल्लयार मंदिरऊंची पिल्लयार मंदिर
ऊंची पिल्लयार मंदिर में स्थापित श्रीगणेश की प्रतीकात्मक तस्वीरऊंची पिल्लयार मंदिर में स्थापित श्रीगणेश की प्रतीकात्मक तस्वीर
ऊंची पिल्लयार मंदिरऊंची पिल्लयार मंदिर
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543
विज्ञापन