• Holi celebration in Mahakaleshwar temple ujjain
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देखिए, भगवान महाकाल ने कैसे खेली भक्तों के साथ होली...

भगवान के श्रंगार के बाद पहले भस्म चढ़ाई गई, फिर आरती के दौरान भगवान और श्रद्धालुओं पर जमकर गुलाल उड़ाया गया।

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 11:33 AM IST

यूटिलिटी डेस्क. उज्जैन (मप्र) के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर में होली का उत्सव जारी है। 1 मार्च की शाम को होलिका दहन के साथ शुरू हुआ उत्सव रात को शयन आरती और अगले दिन शुक्रवार को भस्मारती तक जारी रहा। दोनों समय आरती के समय जम कर फूलों और गुलाल के साथ होली खेली गई। पुजारियों ने गुरुवार शाम को सांध्य आरती के साथ मंदिर परिसर में पारंपरिक तरीके से होली दहन किया। फिर आरती में भगवान को रंग लगाया गया। शयन आरती के समय भी खूब गुलाल उड़ाया गया।

इसके बाद शुक्रवार सुबह भस्मारती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आए। मंदिर के नंदी हाल और नए हाल दोनों ही पूरी तरह भक्तों से भरे थे। भस्मारती में जमकर फूल और गुलाल के साथ होली मनाई गई। भगवान के श्रंगार के बाद पहले भस्म चढ़ाई गई, फिर आरती के दौरान भगवान और श्रद्धालुओं पर जमकर गुलाल उड़ाया गया।

देश की सुख-समृद्धि के लिए गुरुवार को राजा महाकाल को सरकार की ओर से होली का गुलाल चढ़ाया गया। यह परंपरा रियासत काल से चली आ रही है। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से गुलाल का थाल सांध्य आरती के समय पहुंचाया गया। सबसे पहले चंद्रमौलेश्वर, रामेश्वर, कोटेश्वर, अन्नपूर्णा माता, वीरभद्र व मानभद्र को गुलाल अर्पित करने के बाद गर्भगृह में पुजारियों ने महाकालेश्वर को गुलाल अर्पित किया।

भगवान गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय व नंदी को भी गुलाल अर्पित किया। आरती के बाद दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं पर भी रंग-गुलाल उड़ाया गया। राजा महाकाल को बसंत पंचमी पर भी गुलाल लगाया जाता है। रंगपंचमी (6 मार्च) पर भगवान को केसर और केसुड़ी के रंग लगाए जाएंगे।