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सबसे अमीर मंदिर का ये दरवाजा है रहस्यमयी, कलियुग के पहले दिन हुई थी इसकी स्थापना

केरल का पद्मनाभ स्वामी मंदिर सबसे अमीर मंदिरों में से एक है।

Danik Bhaskar | Feb 13, 2018, 05:00 PM IST

केरल के तिरुअनन्तपुरम में स्थित है भगवान विष्णु का प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर। ये प्रमुख वैष्णव मंदिरों में से एक है और केरल के खास पर्यटन स्थलों में शामिल है। मंदिर में पद्मनाभ स्वामी की मूर्ति की स्थापना कब और किसने की, इसकी कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यहां प्रचलित मान्यता के अनुसार मंदिर की स्थापना करीब 5000 साल पहले कलियुग के पहले दिन हुई थी। इस मंदिर के गर्भ गृह से खजाना मिला था, जिसकी वजह से ये मंदिर भारत के सबसे अमीर मंदिरों में शामिल हो गया है। यहां जानिए पद्मनाभ मंदिर से जुड़ी खास बातें…


मंदिर का एक और तहखाना खुलना शेष है
- पद्मनाभ स्वामी मंदिर का एक और तहखाना खुलना शेष है। इस तहखाने में क्या है, यह अब तक रहस्य बना हुआ है। तिरुअनंतपुरम नगर का नाम भगवान के 'अनंत’ नामक नाग के नाम पर ही रखा गया है।
- मंदिर के बंद तहखाने के सातवें दरवाजे पर नाग का चिह्न बना हुआ है।
- माना जाता है कि बंद तहखाना जो कि इस मंदिर का सातवां द्वार भी कहा जाता है, सिर्फ कुछ मंत्रों के उच्चारण से ही खोला जा सकता है।
- अगर बलपूर्वक इस दरवाजे को खोला गया तो कुछ अनहोनी हो सकती है, इसी कारण इस दरवाजे को अब तक खोला नहीं गया है।
समय-समय पर होता रहा है मंदिर का जिर्णोद्धार
इस मंदिर का जिर्णोद्धार समय-समय पर होता रहा है। मान्यता है कि करीब 1733 ई. में इस मंदिर का पुनर्निर्माण त्रावनकोर के महाराजा मार्तड वर्मा द्वारा करवाया गया था। यहां माना जाता है कि सबसे पहले इस स्थान से ही विष्णु भगवान की प्रतिमा प्राप्त हुई थी। इसके बाद बाद यहीं मंदिर का निर्माण किया गया।
भगवान विष्णु की विशाल प्रतिमा स्थित है यहां
मंदिर में भगवान विष्णु की विशाल मूर्ति स्थित है। इस प्रतिमा में भगवान श्रीहरि शेषनाग पर शयन मुद्रा में दर्शन दे रहे हैं।
नाग के नाम पर रखा गया है तिरुअनंतपुरम
तिरुअनंतपुरम नगर का नाम भगवान के 'अनंत’ नामक नाग के नाम पर ही रखा गया है। यहां पर भगवान विष्णु की विश्राम अवस्था को 'पद्मनाभ’ कहा जाता है। क्षेत्र का प्राकृतिक वातावरण बड़ा ही मनमोहक है। यहां पहुंचने के लिए देश के सभी बड़े शहरों से आवागमन के कई साधन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
मंदिर की बनावट शैली है खास
मंदिर गोपुरम द्रविड़ शैली में बना हुआ है, इस वजह से ये देखने में बहुत ही आर्कषक है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला का अदभुत उदाहरण है। मंदिर परिसर बहुत विशाल है, जो कि सात मंजिला ऊंचा है। यहां गोपुरम कलाकृतियों बनाई गई हैं। मंदिर के पास ही तालाब भी है, जिसे 'पद्मतीर्थ कुलम कहा जाता है।
कैसे पहुंचे पहुंचे पद्मनाभ मंदिर
केरल के तिरुअनंतपुरम पहुंचने के लिए दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता से फ्लाइट्स उपलब्ध हैं। अगर आप ट्रेन से यहां पहुंचना चाहते हैं तो सभी बड़े शहरों से ट्रेन की सुविधा मिल सकती है। सड़क मार्ग से भी तिरुवनंतपुरम सभी बड़े शहरों से जुड़ा है।

यहां ठहरने के लिए भी है अच्छी सुविधा

अब ये मंदिर देश-दुनिया में बहुत प्रसिद्ध हो चुका है, इस कारण यहां विदेशी पर्यटक भी पहुंचते हैं। इस क्षेत्र में बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने के लिए अच्छी होटल्स और धर्मशालाएं आसानी से मिल जाती हैं।