• myth and story about hanuman birth place
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MYTH: गुफा में हुआ था हनुमान का जन्म, क्यों कलियुग में बंद हो गए इसके दरवाजे

इस गुफा में जन्म थें हनुमान, गुस्से में उनकी मां ने बंद कर दिए यहां के दरवाजे

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2017, 05:00 PM IST
गुफा जहां हुआ था हनुमानजी का जन्म गुफा जहां हुआ था हनुमानजी का जन्म

धर्म ग्रंथों के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी का हो हनुमान अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 10 दिसंबर, रविवार को है। इसी अवसर पर हम आपको बताने जा रहे हैं भगवान हनुमान से जुड़ी एक खास जगह के बारे में..

भगवान हनुमान कलियुग के देवता माने जाते हैं। प्रचलित मान्यता के अनुसार, भगवान हनुमान का जन्म झारखंड के गुमला नाम जिले के उत्तरी क्षेत्र में हुआ था। यहां एक गुफा को भगवान हनुमान का जन्म स्थल माना जाता है। कहा जाता है कि कलियुग में वह गुफा अपनेआप बंद हो गई, जिसके पीछे भगवान हनुमान की माता अंजनी का गुस्सा माना जाता है।

देवी अंजनी के नाम पर पड़ इस जगह का नाम आंजन

भगवान हनुमान की माता अंजनी के नाम से ही इस गांव का नाम आंजन पड़ा। यह गांव गुमला जिला से लगभग 22 किमी की दूरी पर है। यहां पर एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां भगवान हनुमान की माता की गोद में बैठे दिखाई देते हैं।

इसलिए कलियुग में बंद हो गए गुफा के दरवाजे

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान हनुमान का जन्म गुमला जिले के आंजनधाम में स्थित एक पहाड़ी की गुफा में हुआ था। जिस गुफा में भगवान हनुमान का जन्म हुआ था, उसका दरवाजा कलयुग में अपने आप बंद हो गया। गुफा के दरवाजे को भगवान हनुमान की माता अंजनी ने स्वयं बंद कर लिया क्योंकि स्थानीय लोगों द्वारा वहां दी गई बलि से वे नाराज थीं। आज भी यह गुफा आंजन धाम में मौजूद हैं।

1953 में बनाया गया माता अंजनी और हनुमान का मंदिर

आंजनधाम में आज एक छोटा सा मंदिर है, जिसकी स्थापना भगवान हनुमान के भक्तों ने 1953 में की थी। इस मंदिर में भगवान हनुमान और माता अंजना का सुंदर मूर्ति है। यहां भगवान हनुमान अपनी माता की गोद में बैठे दिखाई देते हैं।

यहां मौजूद सरोवर में किया था राम-लक्ष्मण में स्नान

आंजन क्षेत्र से और भी कई पौराणिक गाथाएं जुड़ी हैं। इसी क्षेत्र में एक पंपापुर नाम का सरोवर है, जिसे लेकर मान्यता है कि इसी सरोवर में भगवान राम और लक्ष्मण ने स्नान किया था।

आंजन क्षेत्र में बना भगवान हनुमान और उनकी माता का मंदिर आंजन क्षेत्र में बना भगवान हनुमान और उनकी माता का मंदिर

इसलिए कलियुग में बंद हो गए गुफा के दरवाजे

 

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान हनुमान का जन्म गुमला जिले के आंजनधाम में स्थित एक पहाड़ी की गुफा में हुआ था। जिस गुफा में भगवान हनुमान का जन्म हुआ था, उसका दरवाजा कलयुग में अपने आप बंद हो गया। गुफा के दरवाजे को भगवान हनुमान की माता अंजनी ने स्वयं बंद कर लिया क्योंकि स्थानीय लोगों द्वारा वहां दी गई बलि से वे नाराज थीं। आज भी यह गुफा आंजन धाम में मौजूद हैं।

 

मंदिर में स्थापित माता अंजनी की गोद में बैठे हनुमान की मूर्ति मंदिर में स्थापित माता अंजनी की गोद में बैठे हनुमान की मूर्ति

1953 में बनाया गया माता अंजनी और हनुमान का मंदिर

 

आंजनधाम में आज एक छोटा सा मंदिर है, जिसकी स्थापना भगवान हनुमान के भक्तों ने 1953 में की थी। इस मंदिर में भगवान हनुमान और माता अंजना का सुंदर मूर्ति है। यहां भगवान हनुमान अपनी माता की गोद में बैठे दिखाई देते हैं।

गुफा जहां हुआ था हनुमानजी का जन्म गुफा जहां हुआ था हनुमानजी का जन्म

यहां मौजूद सरोवर में किया था राम-लक्ष्मण में स्नान

 

आंजन क्षेत्र से और भी कई पौराणिक गाथाएं जुड़ी हैं। इसी क्षेत्र में एक पंपापुर नाम का सरोवर है, जिसे लेकर मान्यता है कि इसी सरोवर में भगवान राम और लक्ष्मण ने स्नान किया था।

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गुफा जहां हुआ था हनुमानजी का जन्मगुफा जहां हुआ था हनुमानजी का जन्म
आंजन क्षेत्र में बना भगवान हनुमान और उनकी माता का मंदिरआंजन क्षेत्र में बना भगवान हनुमान और उनकी माता का मंदिर
मंदिर में स्थापित माता अंजनी की गोद में बैठे हनुमान की मूर्तिमंदिर में स्थापित माता अंजनी की गोद में बैठे हनुमान की मूर्ति
गुफा जहां हुआ था हनुमानजी का जन्मगुफा जहां हुआ था हनुमानजी का जन्म
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