इस शहर को कहते हैं पूरब का वेनिस, मार्च-अप्रैल में घुमने के लिए ये है बेस्ट डेस्टिनेशन / इस शहर को कहते हैं पूरब का वेनिस, मार्च-अप्रैल में घुमने के लिए ये है बेस्ट डेस्टिनेशन

अलेप्पी दक्षिण भारत का बहुत ही सुंदर शहर है।

Feb 27, 2018, 05:00 PM IST

अगर आप मार्च-अप्रैल में कहीं घुमने जाना चाहते हैं तो आपके लिए केरल के कोच्चि से करीब 55 किमी दूर स्थित अलेप्पी बेस्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। इस शहर को अलाप्पुझा भी कहा जाता है। गर्मी के दिनों में अलेप्पी में घुमने के लिए बहुत कुछ है। यहां जानिए अलेप्पी से जुड़ी खास बातें...

इसे कहते हैं पुरब का वेनिस भी

- अलेप्पी दक्षिण भारत का बहुत ही सुंदर शहर है। यहां झीलें हैं, समुद्र है, हरियाली है, इस कारण इस शहर की तुलना इटली के वेनिस शहर से की जाती है। इसे पूरब का वेनिस कहा जाता है।

- इस शहर को योजनाबद्ध तरीके से बसाया गया है। यहां जलमार्ग के कई रास्तें हैं, जो एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में मदद करते हैं। शहर के मध्य रेलवे स्टेशन है।

- रेलवे स्टेशन से एक किमी दूरी पर समुद्र तट है, यहां की हरियाली देखते ही बनती है।

- यहां अरब सागर का विशाल तट है और किनारे पाम के लंबे-लंबे खूबसूरत पेड़ हैं। यहां प्राकृतिक सौंदर्य के साथ डूबते हुए सूर्य को देखना यादगार हो सकता है। समुद्र तट के आसपास दो महत्वपूर्ण आकर्षण हैं। एक है सी व्यू पार्क और दूसरा है लाइट हाउस। साथ ही, यहां मंदिर, चर्च, झीलें और पैलेस आदि को देखकर पर्यटक बहुत ही आनंद महसूस करते हैं।

ये हैं अलेप्पी में घुमने के लिए खास जगहें

कृष्णपुरम पैलेस- यह महल एक पहाड़ी पर स्थित है। ये पैलेस खूबसूरत बागीचों से घिरा है, यहां फव्वारे हैं, तालाब है। केरल का पुरातत्व विभाग इस किले की देखभाल कर रहा है।

पांडवन रॉक- इस स्थान का नाम पांडवों के नाम पर पड़ा है। यहां कि मान्यता है कि जब पांडवों को राज्य से निष्कासित किया गया था, तब वे इस गुफा कुछ दिन रुके थे। ये जगह बहुत सुंदर है।

वेंबनाड झील- ये झील अलेप्पी के पथिरामन्नल द्वीप पर स्थित है। यहां पर धान की अच्छी खेती होती है। यहां हरे-भरे खेत और पक्षियों की कई प्रजातियां देखने को मिल सकती है। पथिरामन्नल कई दुर्लभ पक्षियों का घर है। ये जगह पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती है।

मंदिर और चर्च- इस शहर में कई मंदिर हैं। मुख्य रूप से अम्बालापुझा श्रीकृष्ण मंदिर, मुल्लक्कल राजेश्वरी मंदिर, चेट्टाकुलंगरा भगवती मंदिर, मन्नारासला श्री नागराज मंदिर आदि। साथ ही, यहां कई चर्च भी हैं। यहां थुआ चर्च, सेंट एन्ड्रियूज चर्च, सेंट सेबेस्टियन चर्च, चंपाकुलम चर्च हैं।

कैसे पहुंचे

अलेप्पी पहुंचने के लिए देश के सभी बड़े शहरों से आवागमन के कई साधन उपलब्ध हैं। यहां से कोच्चि करीब 55 किमी दूर स्थित है। हवाई मार्ग से कोच्चि पहुंच सकते हैं। यहां से प्राइवेट कार या बस से अलेप्पी पहुंच सकते हैं। रेल मार्ग से सीधे अलेप्पी पहुंचा जा सकता है।

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