• Moti Dungri Temple of jaipur

गुजरात लाई गई थी ये गणेश प्रतिमा, राजघराने से जुड़ा है इसका इतिहास / गुजरात लाई गई थी ये गणेश प्रतिमा, राजघराने से जुड़ा है इसका इतिहास

जीवन मंत्र डेस्क

Sep 14, 2016, 05:00 AM IST

मोती डूंगरी गणेश मन्दिर राजस्थान में जयपुर के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित खास मंदिर है। लोगों की इसमें विशेष आस्था तथा विश्वास है।

Moti Dungri Temple  of jaipur
मोती डूंगरी गणेश मन्दिर राजस्थान में जयपुर के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित खास मंदिर है। लोगों की इसमें विशेष आस्था तथा विश्वास है। गणेश चतुर्थी पर यहां काफ़ी भीड़ रहती है और दूर-दूर से लोग भगवान मोती डूंगरी के दर्शन करने के लिए आते हैं।
आगे की स्लाइड्स पर जानें मंदिर से जुड़ी खास बातें...
Moti Dungri Temple  of jaipur

कई सालों पुरानी है यहां की मूर्ति

यहां स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा जयपुर के राजा माधोसिंह प्रथम की रानी के पीहर मावली से यहां लाई गई थी। मावली में यह प्रतिमा गुजरात से लाई गई थी। माना जाता है कि उस समय यह गणेश प्रतिमा पांच सौ साल पुरानी थी। इस प्रतिमा को मावली से जयपुर पल्लीवाल नाम के एक सेठ लेकर आए थे और उन्हीं की देखरेख में मोती डूंगरी मंदिर बनवाया गया था।
Moti Dungri Temple  of jaipur

ऐसा है मंदिर का स्वरूप

यह गणेश मंदिर साधारण शैली से बना एक सुंदर मंदिर है। मंदिर के सामने कुछ सीढ़ियां और तीन दरवाजे हैं। मंदिर के पीछे के भाग में मंदिर के पुजारी रहते हैं। यहां दाहिनी सूंड़ वाले गणेशजी की विशाल प्रतिमा है, जिस पर सिंदूर का चोला चढ़ाकर भव्य श्रृंगार किया जाता है।
Moti Dungri Temple  of jaipur

हर बुधवार को यहां होती है नए वाहनों की पूजा

मंदिर में हर बुधवार को नए वाहनों की पूजा कराने के लिए भक्तों की भीड़ लगती है। माना जाता है कि नए वाहन की पूजा मोती डूंगरी गणेश मंदिर में की जाए तो वाहन शुभ होता है। लोगों की इसी आस्था के लिए जयपुर का यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है।
Moti Dungri Temple  of jaipur

कैसे पहुंचें

जयपुर राजस्थान के प्रमुख शहरों में से एक है। यहां पर एयरपोर्ट, रेल्वे और सड़क मार्ग के साधनों की अच्छी सुविधाएं हैं।
X
Moti Dungri Temple  of jaipur
Moti Dungri Temple  of jaipur
Moti Dungri Temple  of jaipur
Moti Dungri Temple  of jaipur
Moti Dungri Temple  of jaipur
COMMENT