• story behind stabilizing brahma temple in bangkok
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अनोखे कारण से बैंकाक में स्थापित किया गया था ये ब्रह्मा मंदिर, देखें तस्वीरें

बैंकाक का ब्रह्मा मंदिर : होटल बनाने से पहले मंदिर का करना पड़ा था निर्माण

Danik Bhaskar | Nov 29, 2017, 05:00 PM IST

दुनिया में तीन-चार ही मंदिर हैं जहां ब्रह्माजी की पूजा की जाती है। उनमें से एक है बैंकाक का ब्रह्मा मंदिर। हालांकि इसका इतिहास कोई 60 से 70 साल पुराना ही है। फिर भी पर्यटन की दृष्टि से बैंकाक का ये मंदिर बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके बनने की कहानी भी बहुत रोचक है। कहा जाता है इस मंदिर का निर्माण भूत-प्रेत से बचने के लिए किया गया था। अगस्त 2015 में हुए बम धमाकों के बाद से यह मंदिर काफी चर्चा में आया था।

भूत-प्रेत से बचने के लिए हुआ था इस मंदिर का निर्माण-

काक में भगवान ब्रह्मा के प्रसिद्ध मंदिर को ईरावन तीर्थ का नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की स्थापना लगभग 1956 में की गई थी। यहां ब्रह्मा की एक बहुत ही सुदंर सोने की मूर्ति है। कहा जाता है इस स्थान पर लगभग 1950 में एक ईरावन नाम की होटल बनाने का काम शुरू किया गया था। जिस दिन से निर्माण कार्य शुरू किया गया था, उसी दिन से यहां कोई न कोई बुरी घटना और काम में रुकावट आ रही थी। इसी बीच कई मजदूरों की जान भी चली गई। इन सब परिस्थितियों की वजह से लोगों में इस स्थान पर कोई बुरी शक्तियां होने का डर फैल गया। जब तक इन बुरी शक्तियों का कोई समाधान नहीं किया जाता, कोई भी व्यक्ति इस स्थान पर काम करने को तैयार नहीं था। इस समस्या का हर निकालने के लिए होटल बनवा रहे लोगों ने ताओ महाप्रोम नाम के एक ज्योतिष से इसका उपाय पूछा। तब ताओ महाप्रोम ने इस स्थान पर भगवान ब्रह्मा के एक मंदिर का निर्माण कराने को कहा। भगवान ब्रह्मा संसार के रचियता है इसलिए ताओ महाप्रोम उन्हें ही इस निर्माण कार्य को पूरा करवाने में समर्थ मानता था। तब होटल से कुछ दूरी पर भगवान ब्रह्मा के एक मंदिर बनवाया गआ। मंदिर की स्थापना करने के बाद होटल का निर्माण भी बिना किसी परेशानी के हो गया।

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जिटर पिंकवित ने किया था मूर्ति का निर्माण

 

मान्यताओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा की चार मुंह वाली मूर्ति का निर्माण जिटर पिंकवित नाम के एक कलाकर के द्वारा किया गया था। कहा जाता है कि इस मूर्ति का निर्माण प्लास्टर ऑफ पेरिस पर सोने का पानी चढ़ा कर किया गया था। कहा जाता है इस मूर्ति की स्थापना 9 नवम्बर 1956 में की गई थी।

भगवान ब्रह्मा के अन्य मंदिर

 

1. पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर

दुनियाभर में भगवान ब्रह्मा का बहुत ही कम मंदिर है। उनमें से सबसे प्रसिद्ध पुष्कर, अजमेर का ब्रह्मा मंदिर है। पुष्कर को भगवान ब्रह्मा की नगरी माना जाता है। यहां साल में एक बार कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान ब्रह्मा के सम्मान में धार्मिक उत्सव मनाया जाता है।

 

2. इंडोनेशिया का प्रम्बानन मंदिर

 

भगवान ब्रह्मा का एक बहुत सुंदर और प्राचिन मंदिर इंडोनेशिया के जावा नाम के स्थान में है। 10वी शताब्दी में बना भगवान ब्रह्मा का यह मंदिरप्रम्बानन मंदिर के नाम से जाना जाता है। शहर से लगभग 17 कि.मी. की दूरी पर स्थित यह मंदिर बहुत सुंदर और प्राचीन है। यहां पर भगवान ब्रह्मा के अलावा भगवान शिव और विष्णु के भी मंदिर है।

 

भगवान ब्रह्मा को जाना जाता है ताओ महाप्रोम का नाम से

 

यहां भगवान ब्रह्मा को ताओ महाप्रोम के नाम से भी जाना जाता है। ताओ महाप्रोम ने ही यहां भगवान ब्रह्मा की स्थापना करने को कहा था, इसलिए ताओ महाप्रोम को भगवान ब्रह्मा का ही रूप मान कर उनकी पूजा की जाती है। ईरावन होटल की वजह से इस मंदिर का निर्माण किया गया था, इसलिए इस मंदिर को ईरावन तीर्थ के नाम से जाना जाता है।

मंदिर बन चुका है आस्था का केन्द्र

 

मंदिर की स्थापना के दिन से लेकर आज तक यह मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केन्द्र बना हुआ है। न की सिर्फ हिंदू बल्कि बैंकाक के और अन्य स्थानों के लोग भी पूरी आस्था के साथ यहां दर्शन और पूजा-अर्चना करते है। कई लोग अपनी निर्माण कार्य से संबंधित समस्या लेकर यहां आते है और भगवान ब्रह्मा से उस समस्या को खत्म करने की प्रार्थना करते है।