• story of bajrang panchayati temple of bilaspur
--Advertisement--

इस गांव में कोर्ट या पुलिस नहीं, हनुमानजी करते हैं विवादों का फैसला

यहां कोर्ट नहीं हनुमानजी करते हैं विवादों का फैसला, मानता है पूरा गांव

Dainik Bhaskar

Nov 06, 2017, 05:00 PM IST
story of bajrang panchayati temple of bilaspur
भगवान की पूजा-अर्चना केवल मनोकामनाएं पूरी करने के लिए नहीं बल्कि सही और गलत की पहचान करने के लिए भी की जाती है। इसी बात का जीवंत उदाहरण मौजूद है छत्तीसगढ़ में। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के मगरपारा क्षेत्र में एक अनोखा हनुमान मंदिर है, जहां गांव का हर फैसला भगवान हनुमान खुद करते हैं।
जहां शहर में पहले से ही उच्च न्यायालय होने के बावजूद भी ज्यादातर विवादों का निपटारा भगवान हनुमान के मंदिर में होता है। भगवान हनुमानजी सभी के दुखों को हरने वाला माने जाते हैं। वहां की पंचायत हनुमान जी को साक्षी मानकर फैसला करती है और लोगों को विश्वास है कि उस फैसले में हनुमानजी का आदेश होता है।

बजरंगी पंचायत मंदिर

बिलासपुर के इस क्षेत्र में एक ‘बजरंगी पंचायत’ नामक मंदिर है, जहां पिछले 80 साल से विवादों पर फैसलों के लिए हनुमानजी की शरण ली जाती है। किसी को, कैसी भी, कोई भी समस्या हो, वह उसका हल पाने के लिए बजरंगी पंचायत मंदिर में पहुंच जाता है।

हनुमानजी करते हैं फैसला

मंदिर के प्रमुख का कहना है कि मंदिर में आज भी अपने क्षेत्र से जुड़ी छोटी-बड़ी समस्याओं को लेकर लोग इकट्ठे होते हैं। यहां हर प्रकार की समस्या पर फैसले लिए जाते हैं।
story of bajrang panchayati temple of bilaspur

मंदिर का इतिहास

 
इस मंदिर के निर्माण के पीछे भी स्थानीय लोगों में एक कहानी प्रचलित है। कहते हैं कि लगभग 80 साल पहले सुखरू नाई
नामक एक हनुमान भक्त ने पीपल के पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर हनुमानजी की छोटी सी प्रतिमा स्थापित की थी, जिसके बाद पंचायत के सदस्यों और हनुमान भक्तों के सहयोग से धीरे-धीरे मंदिर का निर्माण आरंभ किया गया। अंत में वर्ष 1983 में यह मंदिर बनकर पूरा हुआ।
 

पुरानी परंपरा

 
बस तभी से ही यह परंपरा चली आ रही है कि पंचायत में हनुमानजी को साक्षी मानकर फैसला किया जाएगा और इसे हर कोई हंसी-खुशी स्वीकार भी करता है। क्यों यहां माना जाता है कि इस मंदिर में हनुमान प्रतिमा के सामने जो भी फैसला होता है, उसमें भगवान की इच्छा भी शामिल होती है।
 

सब मानते हैं फैसला

 
सभी लोग बजरंगबली का आशीष लेकर ही घरों में मांगलिक कार्यों की शुरुआत करते हैं। हर नववधू गृह-प्रवेश से पहले बजरंगबली का आशीर्वाद लेती है। इस मंदिर का महत्व आसपास के लोगों में इतना बढ़ गया है कि यहां खासतौर पर बड़े-बड़े आयोजन कराए जाते हैं। खासकर हनुमान जयंती के अवसर पर भव्य आयोजन किया जाता है, जहां दूर-दूर से भक्तों का जमावड़ा लगता है।
 
X
story of bajrang panchayati temple of bilaspur
story of bajrang panchayati temple of bilaspur
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..